Uddhav Cow Urine: पूर्व सीएम का तीखा सवाल, क्या गोमूत्र छिड़कने से आजाद हो गया भारत?
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पार्टी के एक कार्यक्रम में सवाल किया कि क्या भारत की आजादी में गो मूत्र का योगदान है?

Uddhav Cow Urine: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री के हाथ से शिवसेना और पार्टी का चुनाव चिह्न छिन चुका है। अब रत्नागिरी में एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ने पूछा, क्या गोमूत्र छिड़क कर हमारे देश को आजादी मिली थी? क्या ऐसा हुआ कि गोमूत्र छिड़का गया और हमें आजादी मिली? उन्होंने कहा, ऐसा नहीं था, स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी तब हमें आजादी मिली।
बता दें कि शिवसेना की पहचान हिंदुत्व की राजनीति की मुखर आवाज के रूप में रही है। ऐसे में पार्टी छिनन के बाद उद्धव ठाकरे का ये बयान चौंकाने वाला है। रत्नागिरी की जनसभा के दौरान उद्धव ने चुनाव आयोग के फैसले पर भी टिप्पणी की। उद्धव ठाकरे ने शिवसेना और पार्टी का इलेक्शन सिंबल- तीर-कमान उनके पूर्व सहयोगी और वर्तमान सीएम एकनाथ शिंदे को देने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
शिवसेना को क्रूर तरीके से खत्म करने की कोशिश
पार्टी के दो हिस्सों में बंटने के बाद शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले बागी धड़े को शिवसेना नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने के फैसले के लिए चुनाव आयोग को सत्ता में बैठे लोगों का 'गुलाम' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शिवसेना को क्रूर तरीके से खत्म करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सफल नहीं होगी।
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EC को चूना लगाव आयोग बताया
चुनाव आयोग को 'चूना लगाव' (chuna lagav) आयोग करार देते हुए ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग उनके पिता स्वर्गीय बाल ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी को उनसे कभी नहीं छीन सकता। बकौल उद्धव, 'बाल ठाकरे ही थे, जो भारतीय जनता पार्टी के साथ उस समय खड़े थे, जब बीजेपी राजनीतिक रूप से "अछूत" मानी जाती थी। उन्होंने भाजपा को महाराष्ट्र में बाल ठाकरे का नाम लिए बिना, केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगने की चुनौती भी दी।
समर्थकों ने भरा जोश! उद्धव का दावा- EC शिवसेना नहीं छीन सकती
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक रैली में भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, "आपने (चुनाव आयोग) हमसे पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीन लिया है, लेकिन आप शिवसेना को मुझसे नहीं छीन सकते।" उन्होंने जनता से कहा, "मेरे पास आपको देने के लिए कुछ नहीं है। मैं आपका आशीर्वाद और समर्थन लेने आया हूं।" रोचक बात ये है कि उद्धव ठाकरे तटीय कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी जिले में खेड (Khed) निर्वाचन क्षेत्र में जनसभा करने पहुंचे। ये विधानसभा क्षेत्र पूर्व सहयोगी रामदास कदम का गृह क्षेत्र है। रामदास अब शिंदे गुट के साथ हैं।
हिंदुओं की एकता पर हमले जैसा
उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर चुनाव आयोग मोतियाबिंद से पीड़ित नहीं है, तो उसे आना चाहिए और जमीनी स्थिति देखनी चाहिए। जिस सिद्धांत के आधार पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया, वह गलत है।" उन्होंने कहा कि शिवसेना को नष्ट करने का कदम मराठी लोगों के साथ-साथ हिंदुओं की एकता पर हमले जैसा है।
BJP में सबसे अधिक करप्ट नेता!
उन्होंने कहा कि पहले साधु-संत भाजपा का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन अब पार्टी अवसरवादियों से भर गई है। बकौल उद्धव ठाकरे, "भ्रष्ट लोगों की सबसे बड़ी संख्या भाजपा में है। पहले, वे (भाजपा) विपक्ष के लोगों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोपियों को फिर भाजपा में शामिल किया जाता है।" नवंबर 2019-जून 2022 के दौरान मुख्यमंत्री रहते हुए अपने घर से बाहर नहीं निकलने के आरोप को ठाकरे ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं COVID महामारी के कारण बाहर नहीं गया था, लेकिन मैंने घर से काम किया। महामारी के दौरान मेरे काम की प्रशंसा भी हुई।"
शिवसेना अध्यक्ष का फैसला चुनाव आयोग नहीं करेगा
उन्होंने कहा कि उनके समर्थक तय करेंगे कि वे किसे पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इसका फैसला चुनाव आयोग नहीं करेगा। अगर लोग कहते हैं कि वे मुझे शिवसेना का अध्यक्ष नहीं देखना चाहते, तो मैं वैसे ही छोड़ दूंगा जैसे मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास- 'वर्षा' बंगला छोड़ा।"
बीजेपी के पास भरोसा करने के लिए कोई प्रतीक नहीं
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह एकनाथ शिंदे ने मेरे पिता को ''चुराया'' भाजपा ने ''सरदार वल्लभ भाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस को चुरा लिया, क्योंकि बीजेपी के पास भरोसा करने के लिए कोई प्रतीक नहीं है।'' जनसभा में पहुंचे लोगों से मुखातिब उद्धव ने एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना पूछा, "जब आप किसी को धनुष और तीर के साथ देखते हैं, तो वह चोर होता है। क्या आप उसे वोट देंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी को धूल चटाने की अपील की।












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