Sunil Tatkare: कौन हैं सुनील तटकरे जिन पर सबकी टिकी नजर? अजित पवार के निधन के बाद इस वजह से चर्चा में
Sunil Tatkare: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के भविष्य और प्रदेश के नए डिप्टी सीएम को लेकर चर्चा का दौर चल रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक बैठकों और गहमा गहमी का माहौल है। इस बीच एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष और और वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे की भूमिका सक्रिय हो गई है। अजित पवार के करीबी लोगों में शुमार तटकरे ही एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय की कोशिशों में शामिल थे।
अजित पवार के निधन से पहले एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की बात कही जा रही थी। उस समय सुनील तटकरे ही थे जो दिल्ली से लेकर मुंबई तक लगातार एक्टिव थे। अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी भूमिका को बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा था।

Sunil Tatkare ने की सुनेत्रा पवार से मुलाकात
इसी बीच सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर सुनेत्रा पवार की एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात की है। और केंद्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले सांसद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने उनसे मुलाकात की है। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
Sunil Tatkare News: महायुति गठबंधन में थी बड़ी भूमिका
महायुति गठबंधन को लेकर भी सुनील तटकरे को अजित पवार के साथ अहम कड़ी माना जाता है। कहा जाता है कि एनडीए में शामिल होने से लेकर एनसीपी में टूट तक वह लगातार अजित पवार के साथ खड़े थे। अजित पवार उनसे अहम मसलों पर चर्चा भी करते थे। मुंबई से लेकर दिल्ली तक होने वाली पार्टी की हर हलचल और फैसलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। अब अजित पवार के निधन के बाद जिन एनसीपी नेताओं पर पार्टी संभालने की जिम्मेदारी है, उनमें तटकरे भी हैं।
Sunil Tatkare Profile: एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद
- सुनील तटकरे न सिर्फ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने रायगढ़ सीट से जीत दर्ज कीी थी।
- रायगढ़ ही नहीं पूरे महाराष्ट्र में उनकी एनसीपी संगठन पर पकड़ मानी जाती है। वह अजित पवार के सबसे करीबी लोगों में शुमार थे।
- अजित पवार के निधन के बाद सबकी नजर इस पर है कि पार्टी अब आगे क्या रास्ता लेती है और अगर एनसीपी के दोनों गुट फिर एक होते हैं, तो सुनील पवार की उसमें अहम भूमिका होगी।












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