अनिल देशमुख 6 नवंबर तक ईडी की कस्टडी में भेजे गए, जबरन वसूली के मामले में हुए हैं गिरफ्तार
मुंबई, 2 नवंबर: महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी विधायक अनिल देशमुख को विशेष पीएमएलए अदालत ने 6 नवंबर तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। अनिल देशमुख को जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है। जिसके बाद आज उनको विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनकी चार दिन की ईडी की कस्टडी मंजूर कर ली।

मनी लॉन्ड्रिंग और एक्सटोर्शन मामले में ईडी से कई समन मिलने के बाद अनिल देशमुख सोमवार दोपहर को मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे थे। ईडी ने करीब 12 घंटे पूछताछ के बाद देर रात अनिल देशमुख को गिरफ्तार कर लिया था। ईडी की ओर से कहा गचा था कि पूर्व मंत्री की तरफ से सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बता दें कि ईडी काफी समय से लगातार देशमुख को पूछताछ के लिए समन जारी कर रही था। ईडी की ओर से पांच समन पर वो पेश नहीं हुए थे। वो इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट ने ईडी के समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद वो एंजेसी के सामने पेश हुए।
क्या है मामला
ईडी अनिल देशमुख से मुंबई पुलिस को 100 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य देने से जुड़े मामले में की जांच कर रही है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ वसूली के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि गृहमंत्री रहते देशमुख ने पुलिस अफसरों को 100 करोड़ की वसूली करने को कहा था। इन आरोपों के बाद देशमुख को अप्रैल में राज्य के गृहमंत्री पद से भी इस्तीफा देना पड़ा था।
अनिल देशमुख इस मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों को लगतार नकारते रहे हैं। वो और उनका वकील लगातार ये कहते रहे हैं कि ये सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। ईडी की कार्रवाई को लेकर भी देशमुख की ओर से सवाल उठाए गए थे।












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