शिवसेना ने महेश शिंदे को बनाया उम्मीदवार, पहले ही कार्यकाल में कोरेगांव में विकास कार्यों की लगा दी झड़ी
Koregaon Assembly Election 2024 MLA Mahesh Shinde: उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवा राजनीति में आने से कतराते हैं लेकिन कुछ युवाओं ने सोच-समझकर राजनीति को करियर के रूप में चुना और इसमें अच्छी सफलता हासिल की। कोरेगांव से शिवसेना विधायक महेश शिंदे ऐसे ही युवाओं में से एक हैं।
कोरेगांव से शिवसेना का प्रतिनिधित्व करने वाले महेश शिंदे ने अपने पहले ही कार्यकाल में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। पारिवारिक पृष्टिभूमि राजनीतिक ना होने के बावजूद बहुत ही कम समय में महेश शिंदे अपने कार्यों के दम पर अब जनप्रिय नेता बन चुके हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने कोरेगांव से महेश शिंदे को उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है।

महेश शिंदे का परिवार
एक शिक्षक के घर जन्मे महेश शिंदे खुद भी उच्च शिक्षित हैं। उनकी बड़ी बहन एक डॉक्टर हैं और एक भाई एक साधारण किसान हैं।
महेश शिंदे का राजनीतिक करियर
महेश शिंदे ने बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि या पारिवारिक समर्थन के राजनीति में प्रवेश किया। शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी जानकारी के बल पर उन्होंने डिस्टिलरी शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने जिला परिषद की राजनीति में प्रवेश किया और जिला परिषद सदस्य के रूप में चुने गए। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एनसीपी से की थी।
आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रवेश
इसके बाद महेश शिंदे कुछ सालों तक नजर नहीं आए गायब रहे। उन्होंने इस दौरान आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रवेश किया और कोल्हापुर के कनेरी मठ के अदृश्य कादसिद्धेश्वर महाराजा के शिष्य बन गए। तब से उनके जीवन में भारी बदलाव आया है और शांत और संयमित महेश शिंदे ने हाल ही में सतारा जिले के राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया है। 2014 से उन्होंने कोरेगांव तालुका में मजबूत निर्माण शुरू किया। एक युवा संगठन की स्थापना की गई।
2019 में पहली बार बने विधायक
शिंदे की राजनीतिक कहानी ने 2019 में एक बड़ा मोड़ लिया, जब उन्होंने एनसीपी के शशिकांत शिंदे के खिलाफ कोरेगांव सीट जीतकर विधानसभा में एंट्री ली। शिवसेना के बैनर तले यह जीत महत्वपूर्ण थी, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने एकनाथ शिंदे के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई और उन्हें नए प्रशासन का एक अभिन्न अंग के रूप में स्थापित किया गया।
कोविड महामारी में बने मसीहा
कोविड-19 महामारी के दौरान महेश शिंदे ने कोरेगांव में संकट को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए, जिसके कारण उन्हें "कंक्रीट एमएलए" का उपनाम मिला। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोरोना अस्पतालों को वित्त पोषित किया और हजारों लोगों का समय पर इलाल हो ये सुनिश्चित किया।
कोरेगांव में करवाया करोड़ों का विकास कार्य
अपने पहले कार्यकाल में कोरेगांव के लिए विशेष रूप से 700 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें कथापुर जल परियोजना के माध्यम से सूखा राहत पर ध्यान केंद्रित किया गया और सरकारी विश्राम गृह, वाणिज्यिक बाजार, रिवरफ्रंट विकास, खेल परिसर और थिएटर जैसी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की गईं।
उनके प्रयासों ने निर्वाचन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें सड़कों, पेयजल सुविधाओं, बिजली आपूर्ति और सभागारों को बढ़ाने के लिए कुल 3500 करोड़ का फंड दिया गया है।
2024 के चुनाव में महेश शिंदे की पक्की है जीत
2024 के विधानसभा चुनाव में महेश शिंदे एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में हैं, जिन्हें एकनाथ शिंदे का समर्थन फिर से चुनाव के लिए मिल रहा है। महामारी के दौरान उनके काम, जिसमें महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं और संकट प्रबंधन शामिल हैं, ने सतारा जिले में एक प्रतिबद्ध और कुशल नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को मजबूत किया है। चल रहे राजनीतिक पुनर्गठन के बीच अपने पिछले प्रतिद्वंद्वी शशिकांत शिंदे का सामना करते हुए, महेश शिंदे की जमीनी स्तर पर की गई मेहनत और विकास पहल उन्हें आगामी चुनावी चुनौती के लिए अनुकूल स्थिति में रखती है।












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