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'महाराष्‍ट्र मे मिली थी 160 सीट जिताने की गारंटी लेकिन राहुल गांधी', शरद पवार ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Maharashtra news: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने राहुल गांधी द्वारा कथित चुनावी अनियमितताओं पर दिए गए बयान की प्रशंसा की है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा गांधी से एक अलग हलफनामा मांगने की आलोचना भी की। इसके साथ ही शरद पवार ने महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर बड़ा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है।

नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने खुलासा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले दो लोग उनसे मिले थे। इन लोगों ने उन्हें 288 सीटों में से 160 सीटें जीतने की गारंटी देने का दावा किया था।

Sharad Pawar Rahul Gandhi

पवार ने बताया, "मैंने इन लोगों की मुलाकात राहुल गांधी से करवाई। उन्होंने गांधी को अपनी पेशकश बताई, लेकिन हम दोनों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा, 'यह हमारा तरीका नहीं है।' हमें शायद इसे इतनी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए था, लेकिन मुझे अब भी याद है कि विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले, दो लोग दिल्ली में मुझसे मिलने आए थे।"

'महाराष्‍ट्र मे मिली थी 160 सीट जिताने की गारंटी'

शरद पवार ने आगे कहा, "उन्होंने मुझे बताया कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं, और वे हमें उनमें से 160 सीटों की गारंटी दे सकते हैं। मैं हैरान था। मैं स्पष्ट कर दूं कि भले ही उन्होंने ऐसी गारंटी का दावा किया हो, मुझे चुनाव आयोग पर कोई संदेह नहीं था। लेकिन ऐसे लोग आते रहते हैं, इसलिए मैंने उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया।"

राहुल गांधी और मैंने लिया ये फैसला

शरद पवार ने स्पष्ट किया, "मैंने राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात तय की। उन्होंने उन्हें वह सब बताया जो वे चाहते थे। हालांकि, राहुल गांधी और मुझे दोनों को लगा कि हमें ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यह हमारा रास्ता नहीं है। हमने फैसला किया कि हम लोगों के सामने जाएंगे और उनका समर्थन हासिल करने के तरीके तलाशेंगे।"

राहुल गांधी के आरोपों की गहराई से जांच होनी चाहिए

शरद पवार ने राहुल गांधी द्वारा चुनावी अनियमितताओं पर दी गई प्रस्तुति की सराहना की और निर्वाचन आयोग द्वारा उनसे अलग हलफनामा मांगने की आलोचना की। उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र निकाय है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में पहले ही शपथ ले ली है, इसलिए अलग हलफनामे की कोई आवश्यकता नहीं है।"

पवार ने कहा "यदि निर्वाचन आयोग फिर भी ऐसी बात पर जोर देता है, तो वह सही नहीं है। राहुल गांधी के आरोपों की गहराई से जांच होनी चाहिए। सच्चाई सामने आनी चाहिए। मेरा एकमात्र मुद्दा यह है कि आपत्ति निर्वाचन आयोग के संबंध में थी। तो फिर भाजपा नेताओं या मुख्यमंत्री को जवाब देने की क्या जरूरत है? हम निर्वाचन आयोग से जवाब चाहते हैं, भाजपा से नहीं।"

उद्धव ठाकरे के लेकर चल रही अटकलों पर क्‍या बोले शरद पवार?

दिल्ली में हुई हालिया INDIA गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए, पवार ने उद्धव ठाकरे की बैठने की स्थिति को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में इसकी तुलना सिनेमाघरों में आगे की पंक्ति से बचने वाले दर्शकों से की।

पवार ने कहा, "सबसे पहले, मुझे कहना होगा कि मैं कल से देख रहा हूं कि दिल्ली में उद्धव ठाकरे के बैठने की जगह को लेकर राजनीति हो रही है। जब आप कोई प्रेजेंटेशन देखते हैं, तो आप पहली पंक्ति में नहीं बैठते, ठीक वैसे ही जैसे जब आप फिल्म देखने जाते हैं, तो आप पहली पंक्ति में नहीं बैठते, आप थोड़ा पीछे बैठते हैं।" शरद पवार ने आगे कहा, "इसी तरह, मैं भी पीछे बैठा था। मुद्दा यह है कि आप स्क्रीन के करीब नहीं बैठते; आप कुछ दूरी बनाए रखते हैं। दुर्भाग्य से, उद्धव ठाकरे के बैठने की जगह को लेकर राजनीति की जा रही है।"

शरद पवार के बयान पर क्‍या बोले सीएम देवेंद्र फडणवीस?

पवार के बयान के कुछ घंटों बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष की आदत झूठ बोलने और भागने की है। फडणवीस ने कहा, "हालांकि राहुल गांधी ने अक्सर ईवीएम मशीनों पर संदेह उठाया है, लेकिन शरद पवार ने कभी ऐसा नहीं कहा। वास्तव में, शरद पवार ने अक्सर स्पष्ट रुख अपनाया है कि ईवीएम को दोष देना गलत है।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, अब, राहुल गांधी की मुलाकात के बाद, शरद पवार ने अचानक मतदान प्रक्रिया में बदलाव की बात करना शुरू कर दिया है। यह राहुल गांधी की मुलाकात का परिणाम है।"

विपक्ष चाहे कितना भी भ्रम पैदा करें

फडणवीस ने आलोचना करते हुए कहा, "विपक्ष चाहे कितना भी भ्रम पैदा करे, भारत जैसी पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव कहीं नहीं होते। जो लोग ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाते हैं, वे सार्वजनिक रूप से बोलते हैं। लेकिन वे हलफनामा देने को तैयार नहीं हैं। वे कहते हैं कि हमने संसद में शपथ ली है।"

उन्होंने सवाल किया, "लेकिन क्या संसद में ली गई शपथ सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय में मान्य है? वे जानते हैं कि अगर वे झूठ बोलते हुए पकड़े गए, तो कल उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। इसलिए, ये कायर लोग हैं जो हर दिन झूठ बोलते और भागते हैं।"

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