संजय राउत ने बागी विधायकों को जाहिल बताया, बोले- ये चलती-फिरती लाश हैं

मुंबई, 28 जून। महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच बयानों का दौर भी लगातार जारी है। शिवसेना के नेता संजय राउत लगातार अपने बयानों की वजह से चर्चा में हैं। संजय राउत ने एक बार फिर से बागी विधायकों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें जाहिल तक करार दे दिया है। असम के गुवाहाटी में होटल रैडिसन ब्लू में ठहरे बागी विधायकों को संजय राउत ने जाहिल करार देते हुए कहा कि ये लोग चलती-फिरती लाश हैं। राउत ने कहा कि जहालत का मतलब जो अशिक्षित है और यह अपने आप में एक तरह की मौत है और जाहिल लोग चलती-फिरती लाश की तरह हैं।

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    विवादित बयान
    दरअसल इससे पहले संजय राउत ने कहा था कि गुवाहाटी में ठहरे विधायकों के शव आएंगे। राउत से इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। लेकिन अपने इस बयान का बचाव करते हुए राउत ने कहा कि यह महाराष्ट्र में सामान्य भाषा का शब्द है, मेरा उद्देश्य किसी की भावना को आहत करना नहीं था। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए राउत ने कहा था कि इन लोगों का शरीर जिंदा है लेकिन आत्मा मर चूकी है, यह मराठी में बोला जाता है, मैंने क्या गलत कह दिया। जो लोग पार्टी में 40 साल रहते हैं औ भाग जाते हैं, उनकी आत्मा मर चुकी है, उनके भीतर कुछ भी नहीं बचा है। यह शब्द डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के हैं। मैं किसी की भावना को आहत नहीं करना चाहता हूं, मैंने बस सच कहा है।

    विधायकों की आत्मा मर चुकी है
    इससे पहले संजय राउत ने रविवार को कहा था कि बागी विधायक जिंदा लाश हैं, जिनकी आत्मा मर चुकी है। वहीं बागी विधायकों पर हमला बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि इन लोगों ने पार्टी को धोखा दिया है, शिवसेना की गंदगी चली गई। ये लोग गुवाहाटी में मजे कर रहे हैं, जबकि असम के लोग बाढ़ से लड़ रहे हैं। आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के साथ जो विधायक हैं उसमे से 15-20 हमारे संपर्क में हैं, उन्होंने अपील की है कि पार्टी उन्हे गुवाहाटी से मुंबई लेकर आए।

    ड्रामा कर रहे शिंदे
    यही नहीं आदित्य ठाकरे ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन उन्होंने यह ड्रामा करना चुना। इस बीच भाजपा की महाराष्ट्र ईकाई ने सोमवार को बैठक की है और प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। बता दें कि बागी विधायकों और शिवसेना के बीच की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों को राहत देते हुए उन्हे 12 जुलाई तक अयोग्यता पर जवाब देने का समय दिया है। डिप्टी स्पीकर ने इन विधायकों को 27 जून तक जवाब देने को कहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस अवधि को बढ़ा दिया है।

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