परमबीर सिंह का जांच आयोग को हल्फनामा, मेरे पास अनिल देशमुख के खिलाफ सबूत नहीं
मुंबई, 4 नवंबर: मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने न्यायमूर्ति केयू चांदीवाल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाले एक जांच आयोग से कहा है कि उनके पास महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सबूत नहीं है। परम बीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ की वसूली के आरोप लगाए थे। अब उन्होंने मामले की जांच कर रहे आयोग को दिए हल्फनामे में कहा है कि जो आरोप मैंने लगाए हैं, उनको पुख्ता करने के लिए मेरे पास सबूत नहीं हैं। परम बीर सिंह की ओर से 22 अक्टूबर को ये हल्फनामा आयोग को दिया गया था।

चांदीवाल आयोग के विशेष लोक अभियोजक के मुताबिक, पिछली सुनवाई में चांदीवाल आयोग को यह हलफनामा सौंपा गया था। एफिडेविट में परमबीर की तरफ से लिखा गया है कि उनके पास अनिल देशमुख के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
परम बीर सिंह ने इस साल मार्च में सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर उस समय राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोप लगाए थे। इस आरोप की न्यायिक जांच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक सदस्यीय जांच कमेटी का गठन 30 मार्च को किया था। कमेटी ने कई बार परमबीर का बयान दर्ज करने के लिए उनको समन भेजा लेकिन वो हाजिर नहीं हुए। अब उनकी ओर से ये हल्फनामा आया है।
भगोड़े घोषित हो चुके परमबीर सिंह
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह बीते कुछ समय से गायब चल रहे हैं। दो अदालतें उनके खिलाफ चल रहे एक्सटोर्शन मामले में उनको भगोड़ा घोषित कर चुकी हैं। महाराष्ट्र सरकार ने भी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोक दिया है। माना जा रहा है कि वो विदेश भाग गए हैं।
अनिल देशमुख ईडी की हिरासत में
परम बीर सिंह के आरोपों के बाद जांच का सामना कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी विधायक अनिल देशमुख को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने 2 नवंबर को उनको चार दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेजा है। अनिल देशमुख को जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है।












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