मां- बेटे के लिप- लॉक वीडियो को लेकर सख्ती, NCPCR ने YouTube India को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यूट्यूब इंडिया को नोटिस भेजी है। ये समन उस वीडियो के लिए भेजा गया है, जिसमें एक मां-बेटे के बीच किस या लिप-लॉक करते दिखाया गया है। आयोग ने ऐसे वीडियोज की तुलना पॉर्नोग्राफिक कॉन्टेंट से की है। वहीं दूसरी ओर मामले को लेकर YouTube चैनल के संचालक पर 'आपत्तिजनक वीडियो' प्रसारित करने और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
मां बेटे के लिप-लॉक करते दिखने वाले वीडियो को यूट्यूब पर शेयर किया गया। आरोप है कि यूट्यूब इंडिया ने वीडियो अश्लील होने के बावजूद प्रसारित होने दिया, जो कि नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार को वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर यूट्यूब इंडिया के खिलाफ केस दर्ज किया।

NCPCR प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने YouTube India के सरकारी मामलों और सार्वजनिक नीति प्रमुख मीरा चैट को एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि आयोग ने यूट्यूब चैनलों पर माताओं और बेटों से जुड़े संभावित अश्लील कृत्यों को चित्रित करने वाली चुनौतियों के साथ एक खतरनाक प्रवृत्ति का संज्ञान लिया है।
एक टीवी इंटरव्यू में NCPCR प्रमुख प्रियांक ने कहा कि यूट्यूब पर मां और बेटे की वीडियो यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम, 2012 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, "यूट्यूब को इसको लेकर कार्रवाई करनी थी। नियमों के उल्लंघन कनरे वाले अपराधियों को जेल जाना होगा। ऐसे वीडियो का व्यावसायीकरण पोर्न बेचने जैसा है। कोई भी मंच जो ऐसे वीडियो पेश करता है जहां बच्चों का यौन शोषण किया गया है, उसे जेल जाना होगा।"












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