Mumbai-Navi Mumbai airport Metro: खुशखबरी, मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो को मिली मंजूरी, होंगे ये 20 स्टेशन
Mumbai-Navi Mumbai airport Metro: मुंबई और नवी मुंबई के बीच बहुप्रतीक्षित 35 किलोमीटर लंबे मेट्रो प्रोजेक्ट को 27 जनवरी को मंजूरी मिल गई है। यह मेट्रो मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) को नवी मुंबई हवाई अड्डे से जोड़ेगी। यह मुंबई की यातायात समस्या सुलझाकर, दोनों हवाई अड्डों के बीच आवागमन सुगम बनाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया, "आज छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच 35 किलोमीटर की मेट्रो को मंजूरी दी गई है। इसमें कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे, जो यातायात के बड़े हिस्से को भी कवर करेंगे। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) सिद्धांत पर बनाई जा रही है।"

कितना आएगा खर्च, कब तक पूरा होगा मेट्रो प्रोजेक्ट?
परियोजना को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेट्रो लाइन को पूरा करने का अनुमान भले ही पांच साल का हो, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को साढ़े तीन साल में काम पूरा करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यह मेट्रो लाइन मुंबई और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव लाएगी। इस पर ₹17,000-₹18,000 करोड़ का खर्च अपेक्षित है। 'मेट्रो लाइन 8' नाम की यह लाइन लोकमान्य तिलक टर्मिनस जंक्शन को भी जोड़ेगी, जिससे पूरे मुंबई को कनेक्टिविटी मिलेगी।
35 किलोमीटर रूट पर होंगे 20 स्टेशन
सीएम देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, इस मेट्रो मार्ग की कुल लंबाई 35 किलोमीटर होगी, जिसमें 9 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत होगा। इसमें 20 स्टेशन और तीन अन्य मेट्रो मार्गों के साथ इंटरसेक्शन शामिल होंगे। यह नई मेट्रो लाइन विमान यात्रियों के साथ-साथ शहर के दैनिक यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होगी।
मेट्रो लाइन 8 पर होंगे ये 20 स्टेशन
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा टर्मिनल 2, फीनिक्स मॉल, एस.जी. बर्वे मार्ग, कुर्ला, लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी), गरोडिया नगर, बैंगनवाड़ी, मानखुर्द, वाशी, सनपाड़ा, जुईनगर, एलपी जंक्शन, नेरुल-1, नेरुल-2, सीवुड्स, अपोलो अस्पताल, सागर संगम, तरघर, नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा पश्चिम और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा टर्मिनल 2।
6 अंडरग्राउंड और 14 एलिवेटेड स्टेशन, 10 लाख से ज्यादा यात्री
इस परियोजना में 6 भूमिगत और 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि 2031 तक रोजाना करीब 10.3 लाख यात्री इस मेट्रो लाइन का इस्तेमाल करेंगे। यह कॉरिडोर कम से कम छह अन्य मेट्रो लाइनों, उपनगरीय रेलवे नेटवर्क, बस टर्मिनलों और एलटीटी से जुड़ेगा। इससे बाहर के शहरों से आने वाले यात्री एक ही मेट्रो लाइन से सीधे दोनों हवाईअड्डों तक पहुंच सकेंगे।
पीपी मॉडल पर बनेगी मेट्रो, कौन करेगा फंडिंग?
सरकार ने इस मेट्रो परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत मंजूरी दी है। इसके मुताबिक कुल वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) में राज्य सरकार 20 फीसदी और केंद्र सरकार 20 फीसदी का योगदान देगी। बाकी 60 फीसदी निवेश मेट्रो बनाने वाली निजी कंपनी करेगी। इस मॉडल का मकसद परियोजना को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और निजी निवेश को आकर्षित करना है।
दोनों हवाईअड्डों के बीच सफर होगा आसान और तेज
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे और नए शुरू हुए नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी मानी जा रही है। इससे ट्रांजिट पैसेंजर्स, एयरलाइन स्टाफ, कार्गो ऑपरेटर्स और एलटीटी या अन्य रेल टर्मिनलों से आने-जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल इन दोनों हवाईअड्डों के बीच सड़क से यात्रा करने में ट्रैफिक के हिसाब से 70 से 90 मिनट लग जाते हैं।
अब पीपीपी मॉडल से होगा विकास
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना की शुरुआती योजना एमएमआरडीए और सिडको ने मिलकर तैयार की थी। अब इसे सिडको, एक निजी कंसोर्टियम के साथ मिलकर पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगा। सिडको ने नवंबर में ही शहरी विकास और वित्त विभाग से मंजूरी लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) राज्य सरकार को सौंप दी थी।












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