Mumbai local train: 12वीं के छात्र की मौत के बाद एक्टर ने सीएम को लिखा भावुक लेटर, सुरक्षा के लिए सुझाए उपाय
Mumbai local train: मुंबई लोकल ट्रेन एक्सीडेंट में डोंबिवली निवासी 18 वर्षीय सोहम कटरे की रेलवे दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। सोहम की ट्रेन से गिरकर मौत उस वक्त हुई जब वो 12वीं बोर्ड परीक्षा का पहला पेपर देने के लिए ट्रेन से कल्वा जा रहा था। इस घटना के बाद, यात्रियों और विभिन्न संगठनों द्वारा ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ठाणे के एक अभिनेता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर एक यात्री के रूप में अपनी दैनिक परेशानियों को उजागर किया है। उन्होंने फिल्म की शूटिंग और कॉलेज जाते समय रेल यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों को बताया है। यात्री संगठनों ने आरोप लगाया है कि सोहम की छात्र की मौत लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण बैलेंस बिगड़ने से हुई।

इस हृदय विदारक घटना के बाद, यात्री संगठनों ने ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर सोहम को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सोहम की मृत्यु ने रेलवे सुरक्षा और भीड़भाड़ के मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यह मुद्दा अब चर्चा के केंद्र में है और तात्कालिक समाधान की मांग कर रहा है।
कौन है ये एक्टर?
दिवंगत शिवसेना ठाणे जिला प्रमुख आनंद दिघे के जीवन पर आधारित फिल्म 'धर्मवीर' में सांसद श्रीकांत शिंदे के बचपन की भूमिका निभाने वाले अथर्व जयेश वगळ, जो खुद एक अभिनेता हैं, ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक मार्मिक पत्र लिखा है।
एक्टर ने सीएम फडवीस को लिखा ये भावुक लेटर
पत्र में, अथर्व वगळ ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "मैं यह पत्र डोंबिवली के 18 वर्षीय छात्र सोहम सचिन कटरे की दुखद मौत पर गहन दुख और गंभीर चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं, जिसे कल्वा और मुंब्रा स्टेशनों के बीच भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन से गिरकर अपनी जान गंवानी पड़ी।"
लोकल ट्रेन में भीड़ जानलेवा साबित हो रही
अभिनेता ने आगे लिखा कि सोहम सुबह 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा सामग्री लेकर घर से निकला था और दुखद रूप से मुंबई की लोकल ट्रेन में अत्यधिक भीड़ का शिकार हो गया। यह अत्यधिक हृदय विदारक है, और इस घटना ने मध्य रेलवे मार्ग पर जानलेवा भीड़ की समस्या को एक बार फिर से उजागर किया है।
अथर्व ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसी ही खतरनाक भीड़ का सामना पश्चिम और हार्बर मार्गों पर भी यात्रियों को प्रतिदिन करना पड़ता है। उन्होंने कहा, "मैं अथर्व वगळ, विद्याविहार के सोमैया महाविद्यालय का छात्र और मराठी, हिंदी फिल्म, धारावाहिक, वेब सीरीज तथा विज्ञापन क्षेत्र में कार्यरत एक अभिनेता हूं। मैं ठाणे में रहता हूं और रोज़ाना इसी तरह की भीड़भाड़ वाली और खतरनाक परिस्थितियों में कॉलेज और शूटिंग पर जाने व घर लौटने के लिए यात्रा करता हूं।"
ट्रेन में जानलेवा भीड़ पर जताई चिंता
अथर्व ने बताया कि हजारों छात्र उनके जैसे ही जानलेवा भीड़भाड़ वाली मुंबई लोकल ट्रेनों से प्रतिदिन कॉलेज, स्कूल और कोचिंग क्लासेस जाते हैं। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यह भीड़ और बढ़ जाती है, जिससे यात्रा बेहद असुरक्षित हो जाती है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें समय पर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने इस मुद्दे पर पहले भी रेलवे प्रशासन को लिखित में ईमेल के माध्यम से चिंता व्यक्त की थी।
ऑटोमैटिक डोर लगाने की मांग
अपने पूर्व के पत्र में, अथर्व ने सभी उपनगरीय लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे (मेट्रो रेलवे सिस्टम की तरह) लगाने का सुझाव दिया था, जो केवल स्टेशनों पर ही खुलें और बंद हों। उनका मानना था कि इससे चलती ट्रेनों से गिरने से होने वाली मौतों और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। दुर्भाग्य से, पहले चिंता व्यक्त करने के बाद भी, ऐसी दुखद घटनाएँ होती रहती हैं।
डोंबिवली के छात्र सोहम की भीड़ के कारण हुई दुखद मृत्यु के बाद, अथर्व ने मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनकी मुख्य मांग है कि सेंट्रल लाइन, वेस्टर्न लाइन और हार्बर लाइन पर 'विशेष परीक्षा' ट्रेनें चलाई जाएं और छात्रों के लिए महिला आरक्षित डिब्बों की तरह प्रतिदिन 1-2 कोच आरक्षित किए जाएं, विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इसकी व्यवस्था की जाए।
अभिनेता ने सुझाए ये उपाय
1. बोर्ड परीक्षा के दौरान तीनों मार्गों पर विशेष लोकल ट्रेनें चलाई जाएं।
2. छात्रों के लिए प्रतिदिन 1-2 कोच/रेलवे डिब्बे आरक्षित किए जाएं (महिला और रेलवे कर्मचारी कोच की तरह)।
3. overcrowding से बचने के लिए मेट्रो रेलवे की तरह ही सभी उपनगरीय लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे लागू किए जाएं।
4. छात्र आरक्षित डिब्बों में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की जाए, तथा परीक्षा के समय प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए जाएं।
5. छात्रों को सुरक्षित रूप से ट्रेन में चढ़ने और यात्रा करने में मदद करने के लिए उचित घोषणाएं और मार्गदर्शन सुनिश्चित किए जाएं।
अंत में, अथर्व ने अपील की, "माननीय महोदय, यह केवल एक अनुरोध नहीं है, बल्कि निर्दोष जीवन की हानि को रोकने के लिए एक आवश्यक कदम है। परीक्षा देने वाला छात्र और रोज़ाना काम के लिए बाहर निकलने वाला व्यक्ति सुरक्षित रूप से अपने घर लौटना चाहिए।" उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और इन व्यवस्थाओं को तुरंत लागू करने का विनम्र निवेदन किया।
अभिनेता ने मुख्यमंत्री से महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में इस पर गंभीर संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक उपाय करने व निर्देश देने की प्रार्थना की। अथर्व ने यह पत्र ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय, रेल मंत्री, मध्य रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक (CGM), पश्चिम रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) और हार्बर मार्ग के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को भी भेजा है।












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