Mumbai Rains: पानी-पानी मुंबई, रेलवे ट्रैक पर भरा पानी, बसों के भी बदले रूट, Alert जारी
मुंबई, 16 जुलाई। मायानगरी मुंबई एक बार फिर से पानी-पानी हो गई है। कल देर रात से हो रही बारिश के कारण शहर में जगह-जगह जलजमाव हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ रहा है क्योंकि भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक डूब गए हैं जिस वजह से ट्रेनों के संचालन में दिक्कत आ रही है। रेलवे ने सभी मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा है और स्थिति पर बारीकी से निगाह बनाए हुए है।
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हाई टाइड आने की आशंका
तो वहीं भारी बारिश और निचले इलाकों में जलजमाव के कारण बसों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है।मौसम विभाग ने आज भी यहां भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है, दोपहर 3 बजकर 44 मिनट के करीब 4 मीटर तक ऊंचे हाई टाइड आने की आशंका है और सभी को समुद्र के पास जाने से रोका गया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत घर से बाहर ना निकलें।

Orange अलर्ट जारी
इससे पहले भारतीय मौसम विभाग ने कोंकण किन्नरपट्टी के कुछ जिलों के लिए Orange अलर्ट जारी किया था। विभाग ने कहा है कि मुंबई और उसके उपनगरों में अगले 24 घंटों भारी बारिश होने की संभावना है। आपको बता दें कि पिछले एक हफ्ते में ही, मुंबई में लगभग 302 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि सामान्य से 17 प्रतिशत ज्यादा है।

कर्नाटक में भी Orange Alert
केवल महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि साउथ में भी जमकर बादल बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बेंगलुरु समेत पूरे कर्नाटक में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका व्यक्त की है तो वहीं हासन, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, चिकमगलूर और शिमोगा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है।

यहां भी बरसेंगे बादल
झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तेलंगाना, कर्नाटक, मराठवाड़ा, आंध्र प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, कोंकण, गोवा, गुजरात, राजस्थान, अंडमान -निकोबार , लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पश्चिमी हिमालय में भी पूरे दिन बादल बरसने के आसार हैं। बारिश का ये क्रम कल तक जारी रहेगा और कहीं-कहीं- बिजली भी चमकेगी और हवाएं भी चलेंगी।

हाई टाइड या उच्च ज्वार
हाई टाइड या उच्च ज्वार आना या समुद्र का स्तर बढ़ना-घटना, चंद्रमा और सूरज से पैदा होने वाले गुरुत्वाकर्षण बल और पृथ्वी के चक्कर लगाने की वजह से पैदा होता है लेकिन बैरोमैट्रिक दवाब की वजह से समंदर के अंदर तूफान उठता है, जिसकी वजह से समंदर में बड़ी, तेज और ताकतवर लहरें उठती हैं, जो कि काफी खतरनाक होती हैं।












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