Mumbai CNG Crisis: कौन है ये शख्स, जिसके कारण मुंबई में मचा सीएनजी को लेकर हाहाकार, 486 स्टेशन हो गए थे बंद
Mumbai CNG Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बीते दो दिनों तक सीएनजी को लेकर हाहाकार मचा रहा। वडाला में एमजीएल के सिटी गेट स्टेशन (सीजीएस) को गैस सप्लाई करने वाली पाइपलाइन टूट गई थी। इस खराबी ने मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में सीएनजी सप्लाई को बाधित कर दिया। जिसके चलते मुंबई में बस, ऑटो और टैक्सी सब सेवाएं ठप हो गई। 5,00,000 से अधिक ऑटो चालक प्रभावित हुए। इसके साथ ही 60,000 टैक्सी चालक और क्षेत्र में हजारों निजी सीएनजी यूजर्स भी प्रभावित हुए।
हालांकि मंगलवार शाम तक, एमजीएल ने घोषणा की कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी हो गई है और एमएमआर भर के सीएनजी स्टेशनों पर गैस आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी गई है। वहीं पुलिस ने उस शख्स को अरेस्ट कर लिया है जिसने कथित तौर पर पाइपलाइन को क्षत्रिग्रस्त किया था। जानिए आखिर कौन है ये शख्स जिसकी एक गलती से मुंबई में सीएनजी गैस संकट गहराया।

कौन है ये शख्स?
दरअसल, इस सीएनजी संकट के बाद सीए पुलिस ने सीएफ पुलिस ने चेंबूर में पेट्रोल और डीजल आपूर्ति पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में एक टैंकर चालक को गिरफ्तार किया है। इस घटना से मुंबई में सीएनजी की भारी कमी हो गई थी। विनोद पंडित नामक संदिग्ध पर कई औजारों का उपयोग करके अंडरग्राउंड पाइपलाइन से ईंधन चुराने का प्रयास करने का आरोप है।
कैसे हुआ खुलासा?
घटना तब सामने आई जब बीपीसीएल पाइपलाइन से जुड़ा अलार्म सिस्टम दो बार बजा, जिससे कंपनी को अनाधिकृत घुसपैठ की सूचना मिली। मिड-डे की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंडित ने 13 नवंबर को रात 9:30 बजे पहली बार पाइपलाइन में सेंध लगाने का प्रयास किया था।
जब वह परतदार धातु संरचना को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, तब पता लगाने वाला सिस्टम सक्रिय हो गया। कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई दृश्य क्षति न देखकर निरीक्षण के बाद लौट गए। अगले ही दिन अलार्म फिर बजा। जब बीपीसीएल कर्मी साइट पर पहुंचे, तो उन्हें सुनियोजित चोरी के प्रयास के सुराग मिले।
चोरी के मिले ये सबूत
पाइपलाइन के नीचे एक गड्ढा खोदा गया था, और पास में लोहे की कपलिंग, बोल्ट, फावड़ा, हथौड़ा, कटर और कई आरी ब्लेड जैसे उपकरण बिखरे पड़े थे। इस खोज के बाद, बीपीसीएल ने अज्ञात अपराधी के खिलाफ आरसीएफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने पाया कि इलाके में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिससे शुरू में जांच में बाधा आई।
हालांकि, अधिकारियों ने पेप्सी कंपनी गेट के पास, जहां घटना हुई थी, गवाहों का पता लगाया। गवाहों की गवाही और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, पुलिस पंडित की पहचान करने और उसे पकड़ने में सफल रही।
क्या इसी शख्स के कारण क्षत्रिग्रस्त हुई पाइपलाइन?
पाइपलाइन की क्षति ईंधन चोरी के प्रयास का हिस्सा थी, इसका प्रभाव मुंबई भर में बड़े पैमाने पर महसूस किया गया। शहर को लगभग दो दिनों तक सीएनजी आपूर्ति में भारी व्यवधान का सामना करना पड़ा, जिससे ईंधन पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।
मुंबई का CNG क्रैश के बाद बस, ऑटो और टैक्सी सब ठप!
मुंबई और ठाणे में हजारों ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों की सर्विस ठप्प हो गई। यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा, और परिवहन ऑपरेटरों को भारी आय का नुकसान हुआ। रविवार शाम को आरसीएफ परिसर के अंदर तीसरे पक्ष की क्षति के कारण यह संकट शुरू हुआ था। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल की जा रही है।












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