MNP Election 2025: तेजस्वी के बाद अब अखिलेश यादव को AIMIM देगी चोट? ओवैसी ने बनाया सॉलिड प्लान
MNP Election 2025: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। सभी राजनीतिक दल और प्रमुख गठबंधन अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी इस बार अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है। मनपा चुनाव (MNP Election) में ओवैसी खास तौर पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को तगड़ा नुकसान दे सकते हैं। बिहार में उन्होंने तेजस्वी यादव और कांग्रेस को झटका दिया है।
मानखुर्द-शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र के निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है। यहां इस बार मुकाबला बेहद रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं। मुस्लिम बहुल इस इलाके में इस बार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सपा के गढ़ में सेंध लगा सकती है।

MNP Election 2025: मानखुर्द-शिवाजी नगर पर टिकी निगाहें
- महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रभागों के आरक्षण तय हो चुके हैं। कई इलाकों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी पूरा कर लिया गया है।
- मानखुर्द-शिवाजी नगर क्षेत्र एक बार फिर राजनीतिक रणनीति का केंद्र बन गया है। बीते करीब दो दशकों से यहां सपा का वर्चस्व रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला पहले जैसा एकतरफा नहीं दिख रहा।
- 2024 के विधानसभा चुनाव के वॉर्डवार आंकड़ों पर नजर डालें, तो दो प्रभागों में AIMIM का प्रभाव स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया।
Akhilesh Yadav के लिए चुनौतियां बढ़ीं
समाजवादी पार्टी के लिए अब यहां अपना दबदबा बरकरार रखना मुश्किल साबित हो सकता है। अखिलेश यादव को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पूर्व नगरसेवक आयशा रफीक शेख और अख्तर कुरैशी ने पार्टी छोड़कर शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया। मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। बिहार में तो एक तरह से उन्होंने अपना जनाधार भी बना लिया है। अखिलेश यादव के लिए इस बार मुश्किलें बढ़ी हैं। बताया जा रहा है कि वह खुद प्रचार के लिए मैदान में उतर सकते हैं।
MNP Chunav में मानखुर्द-शिवाजी नगर का समीकरण
- मानखुर्द-शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र में मुंबई मनपा के कुल 9 प्रभाग आते हैं। 2017 के निकाय चुनाव में सपा ने यहां 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी। एक सीट एनसीपी (अविभाजित), दो सीटें शिवसेना (अविभाजित) और एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी।
- फिलहाल इन 9 में से चार पूर्व नगरसेवक शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ हैं, जिनमें सपा, शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद गुट) से जुड़े नेता शामिल हैं।
- AIMIM ने भी धीरे-धीरे इस विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है। पार्टी के कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी यहां बनी हुई है।
महाराष्ट्र चुनाव में ओवैसी के बढ़ते प्रभाव का दिखा था संकेत
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इसका असर साफ दिखा था। AIMIM प्रत्याशी अतीक शेख को 42,027 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे थे। सपा के मौजूदा विधायक अबू आसिम आजमी को 54,780 वोट मिले। यह आंकड़ा 2019 के चुनाव के मुकाबले काफी कम रहा। 2019 में उन्हें 69,082 वोट मिले थे। यह गिरावट मुस्लिम मतों के बंटवारे की ओर इशारा करती है। करीब 58 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में अगर निकाय चुनाव में भी वोटों का ऐसा ही बंटवारा होता है, तो इसका सीधा फायदा AIMIM और महायुति को मिल सकता है।












Click it and Unblock the Notifications