Maratha Aarakshan: 'OBC कोटे में से', मराठा आरक्षण को लेकर प्रकाश अंबेडकर हुए आगबबूला, दे डाला बड़ा बयान
Maratha Aarakshan: महाराष्ट्र में मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन में एक बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र सरकार ने मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल की प्रमुख मांग मान ली है। सरकार अब हैदराबाद गजट लागू करेगी, जो मराठों को कुनबी किसान समुदाय का हिस्सा मानता है। इसके साथ ही, आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मामले भी वापस लिए जाएंगे।
लेकिन ओबीसी कोटे में मराठाओं को आरक्षण दिए जाने की बात का अब विरोध शुरू हो चुका है। 4 सितंबर 2025 को प्रकाश अंबेडकर ने मराठा आरक्षण पर बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि मराठा समुदाय को ओबीसी आरक्षण के भीतर कोटा नहीं दिया जा सकता। उनके अनुसार, मराठाओं के लिए एक अलग आरक्षण व्यवस्था होनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार के मराठा आरक्षण संबंधी फैसले के बाद राज्य में ओबीसी समुदाय की राजनीति तेज हो गई है।

वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने ओबीसी समुदाय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर दिया कि नेताओं के आने या न आने की परवाह किए बिना, ओबीसी को सड़कों पर उतरकर अपने हक के लिए लड़ना चाहिए, अन्यथा वे अपने मौजूदा अधिकार भी खो सकते हैं।
भाजपा ने गुमराह करने के लिए झूठ बोला
अंबेडकर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार ने मराठा नेताओं को गुमराह किया है और उनसे झूठ बोला है। उन्होंने इस झूठ को इतनी बड़े पैमाने पर फैलाया है कि लोगों को लगने लगा है कि उन्हें आरक्षण मिल गया है।"
ओबीसी आरक्षण में से कोटा नहीं दिया जा सकता
प्रकाश अंबेडकर आरोप लगाया कि बीजेपी अब झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रही है। इसलिए ओबीसी समुदाय को अपना आंदोलन जारी रखना चाहिए। VBA की हमेशा से यह भूमिका रही है कि मराठाओं को ओबीसी आरक्षण में से कोटा नहीं दिया जा सकता। ओबीसी का आरक्षण ओबीसी के पास ही रहना चाहिए, और मराठाओं को अलग से आरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।
जरांगे ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है
गौरतलब है कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे ने अपनी पांच दिवसीय भूख हड़ताल 2 सितंबर को समाप्त कर दी थी, जब सरकार ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली थीं। सरकार ने एक सरकारी आदेश (जीआर) भी जारी किया, जिसमें पात्र मराठाओं को कुनबी (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही गई।
छगन भुजबल भी हैं नाराज
इस सरकारी आदेश से महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल नाराज हैं। उन्होंने 3 सितंबर को कैबिनेट बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया और बाद में पात्र मराठाओं को कुनबी दर्जा देने के सरकारी आदेश पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। भुजबल ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को कानूनी रूप से चुनौती देंगे।
-
Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट -
Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट? -
Saudi Arabia Eid Ul Fitr 2026 : सऊदी अरब में 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद, भारत में कब दिखेगा चांद? -
Iran Vs America: ईरान के बाद अब चीन पर कहर बनकर टूटेंगे ट्रंप! अमेरिकी रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप -
LPG Oil Crisis: हॉर्मुज में तैर रहे हैं 3.2 लाख टन गैस, भारत पहुंचा तो कितने सिलेंडर भरे जा सकते हैं -
Kim Jong-un की 99.93% वाली जीत पर दुनिया हैरान, कौन हैं वो 0.07% ‘बहादुर वोटर्स’, जिन्होंने खिलाफ वोट डाला? -
Nora Fatehi के 'सरके चुनरिया' गाने पर सरकार का बड़ा एक्शन, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कह दी ऐसी बात -
भोजपुरी के ये 3 गाने हैं 'बदनाम', सुनते ही कान कर लेंगे बंद, खुलेआम नहीं हेडफोन लगाकर सुनना -
Pradyut Bordoloi: कौन हैं बोरदोलोई ? जिन्होंने चुनाव से पहले छोड़ी कांग्रेस, अब हुए बीजेपी में शामिल -
सेंसर बोर्ड ने रणवीर सिंह की फिल्म में करवाए भयंकर बदलाव, कई कट के बाद भी मिला A सर्टिफिकेट -
Khan Sir Viral Video: कौन है खान सर का दुश्मन? पटना के मशहूर टीचर ने पहली बार खुलेआम बताया नाम -
आज का तुला राशिफल 18 मार्च 2026: मित्रों से होगी मुलाकात, भाग्य का मिलेगा साथ












Click it and Unblock the Notifications