Maharashtra Politics: शिवसेना से क्यों बाहर हुए थे राज ठाकरे? सीएम एकनाथ शिंदे ने किया बड़े राज का खुलासा!
Maharashtra Vidhan Sabha Chuanv: शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एमएनएस चीफ राज ठाकरे के पार्टी से निकलने को लेकर बहुत बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने कभी नहीं चाहा कि राज ठाकरे पार्टी छोड़कर जाएं।
मुख्यमंत्री शिंदे ने दावा किया है कि राज ठाकरे के शिवसेना छोड़ने की वजह भी शिवसेना (यूबीटी) के चीफ और राज्य के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ही हैं।

उद्धव ने राज ठाकरे को क्यों छोड़ दिया- एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के चीफ राज ठाकरे की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, 'कभी-कभी मैं अपने भाषण में कहता हूं, जब उद्धवजी ने कहा कि लाडली बहन आ गई है, तो लाडला भाई कब आएगा? वह आएगा। इसलिए मैं युवाओं की ट्रेनिंग के लिए लाडला भाई भी ले आया। लेकिन, मैं उनसे कहता हूं कि जब राज ठाकरेजी उनके साथ थे, तो राज ठाकरेजी को छोड़ देने का उनके पास क्या कारण था?'
'जैसे मुख्यमंत्री बने, वैसे ही राज ठाकरे को किनारा किया'
शिवसेना प्रमुख के मुताबिक, 'राज ठाकरेजी बालासाहेब के साथ काम करते थे। 1995 के चुनावों में सभी मीटिंग राज ठाकरे ही अटेंड करते थे। उनके (बाल ठाकरे के) बाद वही थे। लेकिन, जब राज ठाकरे को जिम्मेदारी देने की बारी आई तो उद्धवजी की मंशा जागृत हो गई।'
महाराष्ट्र के सीएम का दावा है कि पार्टी से निकलने के बाद भी राज ठाकरे की इच्छा शिवसेना को ही मजबूत करने में लगी रही। शिंदे का दावा है कि 'जैसे वह मुख्यमंत्री बन गए थे, वैसे ही राज ठाकरे को किनारे कर दिया। उनके (बाल ठाकरे के) मुख से बुलवाया और प्रस्ताव लाया कि उद्धवजी को कार्याध्यक्ष (कार्यकारी अध्यक्ष) बना गया है और उनको हटा दिया।'
बालासाहेब की इच्छा नहीं थी कि राज ठाकरे जाएं- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री
सीएम के मुताबिक, 'उन्हें हटाए जाने के बाद भी राज ठाकरे कहते थे, मैं कमजोर शिवसेना की जिम्मेदारी लूंगा, लेकिन....और इसलिए राज ठाकरे चले गए। बालासाहेब की इच्छा नहीं थी कि राज ठाकरे (उनको छोड़कर) जाएं।' 2006 में उद्धव ठाकरे से मतभेदों की वजह से ही राज ठाकरे शिवसेना से निकल गए थे और एमएनएस बनाई थी।
कुछ दिन पहले ही पहले उद्धव की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे के काफिले पर सुपारियों से हमला किया था और इसके जवाब में एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने उद्धव के काफिले पर भी टमाटर फेंके थे। ठाकरे परिवार के बीच इस तरह की सार्वजनिक कटुता पहले नजर नहीं आई थी।
इस साल लोकसभा चुनावों से पहले राज ठाकरे ने बीजेपी-शिवसेना और एनसीपी की सत्ताधारी गठबंधन को 'बिना शर्त' समर्थन देने की घोषणा की थी। अटकलें हैं कि विधानसभा चुनावों में एमएनएस को महायुति गठबंधन से उसके प्रभाव वाली कुछ सीटों का भी ऑफर हो। (इनपुट-एएनआई)












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