Maharashtra में GBS से बढ़ रहा मौतों का ग्राफ! अब तक 4 की मौत-140 केस दर्ज, पानी में मिला खतरनाक बैक्टीरिया?
Maharashtra GBS Deaths: महाराष्ट्र में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक 140 संदिग्ध मरीज मिले हैं, जिनमें से 4 की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया, लेकिन अधिकतर मरीज पुणे और आसपास के इलाकों से हैं। पुणे और आसपास के इलाकों में पीने के पानी में ई.कोली बैक्टीरिया पाया गया है, जिसे इस बीमारी का संभावित कारण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 29 जनवरी को राज्य में जीबीएस से पीड़ित एक दूसरे व्यक्ति की मौत हो गई। यह मौत सोलापुर के 40 वर्षीय व्यक्ति की थी, जो पुणे गया था , जहां उसे सिंड्रोम होने का संदेह हुआ। सोलापुर के एक निजी अस्पताल में 18 जनवरी को भर्ती होने से पहले मरीज को सांस लेने में तकलीफ, निचले अंगों में कमजोरी और दस्त जैसे लक्षण महसूस हो रहे थे। सोलापुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजीव ठाकुर के अनुसार, बीच-बीच में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे जाने के बावजूद उनका निधन हो गया।

अधिकतर मरीज पुणे और आसपास के इलाकों से
अब तक, महाराष्ट्र में जीबीएस के कुल 140 मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश मामले पुणे के नए प्रभावित गांवों से हैं, जिनमें से 23 पुणे नगर निगम से, 13 पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम से और 9 पुणे ग्रामीण से हैं, साथ ही अन्य जिलों से भी मामले सामने आए हैं। बुधवार तक, 20 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोट किया है कि सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों के पक्षाघात जैसी जटिलताओं के परिणामस्वरूप मृत्यु हो सकती है।

पुणे में सबसे ज्यादा मरीज
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 140 मामलों में से 98 मरीजों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। इनमें से...
- 26 मरीज पुणे शहर से हैं
- 78 मरीज पुणे नगर निगम (PMC) के नए जुड़े गांवों से
- 15 मरीज पिंपरी चिंचवाड़ से
- 10 मरीज पुणे ग्रामीण इलाकों से
- 11 मरीज अन्य जिलों से
पानी में मिला ई.कोली बैक्टीरिया
पीएमसी (Pune Municipal Corporation) ने 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे, जिनमें 8 जल स्रोत दूषित पाए गए। पुणे के सिंहगढ़ रोड इलाके के एक निजी बोरवेल में ई.कोली बैक्टीरिया मिला। यह बैक्टीरिया मल या पशु अपशिष्ट के कारण पानी में फैलता है और माना जाता है कि यह जीबीएस का मुख्य कारण हो सकता है।
नगर निगम ने उठाए सख्त कदम
- सभी निजी बोरवेल और कुओं की जांच की जा रही है।
- ब्लीचिंग पाउडर सॉल्यूशन का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।
- जो लोग पानी की शुद्धता बनाए नहीं रखेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

What is Guillain-Barre Syndrome: क्या है गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS)?
जीबीएस एक दुर्लभ तंत्रिका संबंधी बीमारी है, जिसमें अचानक सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है। यह बीमारी कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी नामक बैक्टीरिया के कारण हो सकती है, जो दूषित भोजन और पानी में पाया जाता है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग सतर्क
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को साफ और उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है। प्रशासन इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए पानी के स्रोतों की गहन जांच कर रहा है और जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications