भारी बारिश से महाराष्ट्र बेहाल: मराठवाड़ा के कई गांव डूबे, बीड़ और लातूर के घरों में घुसा पानी
Marathwada Flood News: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मराठवाड़ा में तबाही मचा दी है। मंगलवार, 23 सितंबर को बीड़ जिले के धनेगांव (कैज तहसील) स्थित मंजरा डैम का जलस्तर 100 प्रतिशत भर जाने के बाद प्रशासन ने इसके 12 गेट खोल दिए।
इससे नीचे बहने वाले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और कई गांवों का संपर्क टूट गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह डैम के छह गेट तीन-तीन मीटर तक खोले गए और दोपहर बाद छह और गेट 0.25 मीटर तक खोले गए।

इस दौरान करीब 55,113 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, जिससे बीड़ और लातूर जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बीदर जिले के कई गांव प्रभावित हुए।
Beed Latur flood Affected: 152 गांव प्रभावित, घरों में घुसा पानी
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 152 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। कैज तहसील के इस्तहाल और वकड़ी गांवों में घरों के भीतर पानी भर गया, जिसके बाद 15 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। वहीं, हडगांव, भोपाल, दैठाना, बोरगांव और पिट्टीघाट जैसे ऊपरवाले गांवों में भी बाढ़ का असर देखा गया। मंजरा डैम के अलावा पैठन स्थित नाथ सागर डैम और मजलगांव डैम से भी पानी छोड़े जाने की वजह से कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
NDRF की टीम तैनात
बीड़ जिले की मजलगांव तहसील के संदस चिंचोली और डेपेगांव गांवों से लोगों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट चुका है और संचार व्यवस्था भी बाधित हुई है।
गोदावरी नदी उफान पर
अधिकारियों ने बताया कि गोदावरी नदी इस समय उफान पर है और मजलगांव तहसील में बड़ी मात्रा में फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेत जलमग्न हो गए हैं और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। बाढ़ से घिरे संदस चिंचोली गांव में फंसी एक गर्भवती महिला को NDRF की टीम ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि गांव पूरी तरह पानी से घिरा हुआ था। वहीं मोगरा पुल के डूब जाने से डाकेपिंपरी, मोगरा, पोहनेर, सालेगांव, कोठला, खातगव्हाण और दिग्रस गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।












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