महाराष्ट्र चुनाव: सत्ता की लालच में रिश्ते हुए तार-तार, बीजेपी-एनसीपी-शिवसेना में बंटा परिवार
Maharashtra assembly election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में भयंकर हलचल मची हुई है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (महायुति) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारत गठबंधन (महा विकास अघाड़ी) के बीच जमकर जंग जारी है। उम्मीदवारों की लिस्ट में नाम ना शामिल होने और टिकट ना मिल पाने कारण नेता दल बदल रहे हैं , अन्य टिकट कटने का रोना रोते बैठे हैं तो कुछ है जो बेहतर विकल्प तलाश रहे हैं।
चुनाव लड़ने और विधायक बनने की लालसा इस कदर हावी है कि रिश्ते तार-तार हो गए हैं। कई परिवार अलग-अलग राजनीतिक दलों में बंट गए है। नतीजा ये है कि पिता, पुत्र और भाई-भाई प्रतिद्वंद्वी खेमों में शामिल होकर चुनाव मैदान में एक दूसरे के दुश्मन बन चुके हैं।

महाराष्ट्र में ठाकरे परिवार और पवार परिवार ही अलग-अलग धड़ों में नहीं बंटा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद नारायण राणे समेत अन्य कई परिवार विधायक बनने की होड़ में पार्टियों में बंट गया है।
राणे परिवार
पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद नारायण राणे सिंधुदुर्ग सीट से भाजपा के उम्मीदवार बनाए गए हैं और छोटे बेटे नितेश राणे एक बार फिर भाजपा के बैनर तले कंकावली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं इसके विपरीत नारायण राणे के बड़े बेटे नीलेश राणे एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने का विकल्प चुनकर नए राजनीतिक भाग्य की तलाश कर रहे हैं।
नाइक परिवार
राजनीतिक विभाजन की ऐसी ही कहानी महाराष्ट्र के अन्य राजनीतिक परिवारों में भी चल रही है। नाइक परिवा जिसका नवी मुंबई में वर्चस्व है उसी परिवार के मुखिया गणेश नाइक भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि भाजपा में मनचाहा टिकट ना मिलने पर उनके बेटे संदीप नाइक ने शरद पवार की एनसीपी (एस) के साथ गठबंधन कर लिया है और विपक्षी शरद पवार गुट से चुनाव लड़ने वाले हैं। हालांकि संदीप नाइक 2019 से पहले अविभाजित एनसीपी में ही थे 2019 के विधान सभा चुनाव के समय भाजपा ज्वॉइन की थी और भाजपा छोड़ने से पहले नवी मुंबई के भाजपा जिला प्रभारी थे।
भुजगल परिवार
डिप्टी सीएम के करीबी छगन भुजबल के भतीजे समीर भुजबल नासिक जिले के नंदगांव सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। ये सीट वर्तमान समय में शिंदे गुट के सुहास कांदे के पास है और महायुति में ये सीट शिंदे गुट के बंटवारे में आई है। इसलिए सुहास कांदे का इस सीट से टिकट मिलना मुश्किल है ऐसे में वो विपक्षी महाविकास अघाड़ी में शामिल शरद पवार की एससीपी (एसपी) या उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी में शामिल होकर नंदगांव से शिंदे की पार्टी के उम्मीदवार को टक्कर दे सकते हैं।
महादिक परिवार
ऐसे ही भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद धनंजय महादिक का परिवार भी इस चुनाव में दो धड़ों में बंटने की कगार पर है। महादिक बीजेपी के बड़े बेटे कृष्णराज महादिक कोल्हापुर उत्तर सीट पर चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन ये सीट महायुति गठबंधन में हुए सीट बंटवारे में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के झोली में चली गई इसलिए वो भी निराश हैं। धनंजय महादिक ने फडणवीस और शिंदे से बेटे के सोर्स लगाया है अगर शिंदे कोल्हापुर उत्तर सीट नहीं छोड़ते है तो माना जा रहा है कि अगर शिंदे राज्यसभा सांसद के बेटे कृष्णराज महादिक शिवसेना ज्वॉइन कर सकते हैं।












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