Maharashtra Result 2024: क्या प्रचंड जीत के बाद अजित पवार से पीछा छुड़ाएंगी BJP-सेना? संघ भी नहीं है खुश
Maharashtra Election Result 2024: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली महायुति ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। अहम बात यह है कि अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 288 विधानसभा सीटों में से 132 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है। ऐसे में भाजपा अकेले दम पर बहुमत से सिर्फ 13 सीट दूर है।
वहीं महायुति के खाते में 229 सीटें जाती नजर आ रही हैं। गठबंधन में भाजपा 132, शिवसेना 55, एनसीपी 40 सीटों पर जीतती नजर आ रही हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि देवेंद्र फडणवीस को एक बार फिर से प्रदेश की कमान मिल सकती है।

हालांकि कोई भी बड़ा नेता इसको लेकर किसी भी तरह से खुलकर बयान देने से बच रहा है। इन सब के बीच एक कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि भाजपा महायुति में अजित पवार की एनसीपी से कुछ दूरी बना सकती है। इसकी बड़ी वजह यह है कि आरएसएस अजित पवार के साथ गठबंधन से कुछ खास खुश नहीं है।
हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मराठी साप्ताहिक पत्रिका विवेक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच गठबंधन को अपरंपरागत बताते हुए इसपर सवाल खड़ा किया गया था।
जिस तरह से लोकसभा चुनाव में भाजपा को झटका लगा था, उसकी एक बड़ी वजह अजित पवार के साथ गठबंधन को भी बताया गया था। जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर संघ ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए इस गठबंधन को "स्वाभाविक सहयोगी" और जनता के लिए अधिक स्वीकार्य बताया था।
आरएसएस विचारक रतन शारदा ने पिछले महीने ऑर्गनाइजर के लिए लिखे एक लेख में एनसीपी के साथ भाजपा की साझेदारी की आलोचना की और इसे "राजनीतिक भूल" बताया था। उन्होंने तर्क दिया कि इस गठबंधन ने भाजपा के आधार को अलग-थलग कर दिया।
महाराष्ट्र में एनसीपी-शिवसेना के साथ गठबंधन के बाद भी लोकसभा चुनाव में गठबंधन को 48 लोकसभा सीटों में से केवल 17 सीटें ही हासिल हुई थी। संघ के विश्लेषकों का मानना है कि "कार्यकर्ता हतोत्साहित नहीं हैं, बल्कि भ्रमित हैं"।
आरएसएस के इस लेख में एनसीपी को अपने पाले में लाने के बारे में भाजपा कार्यकर्ताओं के भीतर असंतोष को दर्शाया गया है, जो यह सुझाव देता है कि इस कदम ने पार्टी के भीतर से नेताओं को विकसित करने के सिद्धांत से समझौता किया है।
लेख में देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी, गोपीनाथ मुंडे, प्रमोद महाजन और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे उल्लेखनीय भाजपा दिग्गजों को योग्यता का हवाला दिया गया, जिनके प्रयासों से पार्टी प्रदेश में मजबूत हुई।












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