महाराष्‍ट्र के डिप्‍टी सीएम ने 9000 मेगावाट को सौर ऊर्जा में बदलने वाले डेवलपर्स को लेटर ऑफ अवार्ड दिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने गुरुवार को बताया राज्‍य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। उन्‍होंने ने बताया महाराष्‍ट्र में किसानों को जो बिजली दी जाती है उसमें 50 प्रतिशत या 9000 मेगावाट को सौर ऊर्जा में ट्रांसफर करने का कार्य हमने किया गया है। इसके साथ ही ये सोलर एनर्जी का ट्राजीशन करने वाले डेवलपर्स को लेटर ऑफ अवार्ड (Letter of award) दिया है।

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फडणवीस ने बताया रिवर्स बिडिंग पद्धति से 9 हजार वार्ड का डिस्‍ट्रीब्यूटेड सोलार जेनरेशन इन वन गो। उन्‍होंने कहा ये प्रकार का रिकार्ड है, ऐसा करने वाला महाराष्‍ट्र पहला राज्‍य बन चुका है। उन्‍होंने बताया इससे 40,000 करोड़ रुपये निवेश होंगे और 25 हजार रोजगार पैदा होंगे। फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्‍ट्र में इससे अगले साल 40 प्रतिशत कृषि फीडर सौर ऊर्जा पर आएंगे जिससे किसानों को बिजली मिल सकती है।

फडणवीस ने बताया महाराष्ट्र के इस सोलर मॉडल की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है। इसके साथ डिप्‍टी सीएम ने दावा किया कि उन्‍होंने कहा तीन सालों में किसानों को मिलने वाली सारी बिजली हम सोलर में बदल देंगे। इससे पर्यावरण भी बचेगा और बड़े पैमाने पर पैसों की भी बचत होगी।

सह्याद्री गेस्ट हाउस में competitive tender process लागू करने के बाद आज आयोजित एक कार्यक्रम में फडणवीस ने ये जानकारी दी।

बता दें वर्ष 2016 में देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को दिन में बिजली सुनिश्चित करने के लिए सौर कृषि वाहिनी योजना शुरू की थी। 2000 मई बाद तक ये 1 वाट तक बना जो अब 9000 वाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होने वाला है। इस योजना के चलते 40 प्रतिशत कृषि फीडर सौर ऊर्जा में आएंगे।

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कहा कि महाराष्ट्र में किसानों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रदेश के कई किसानों की दिन-प्रतिदिन बिजली की लगातार मांग थी। इस मांग को अब पूरा करना संभव होगा।

फडणवीस ने बताया कि महाराष्‍ट्र प्रदेश में अब तक 3600 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता थी लेकिन अब सरकार ने 9000 मेगावाट प्रक्रिया को मात्र 11 महीने में लागू कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।

उन्‍होंने कहा सरकार के लिए कम से कम समय में जगह देकर इस परियोजना को लागू करना संभव हो पाया है।

डिप्‍टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि परियोजना से सरकार पर विभिन्न बिजली रियायतों के कारण वित्तीय बोझ भी कम होगा। इस प्रोजेक्ट को भले ही 18 महीने में पूरा किया जाना है, लेकिन इसे 15 महीने में ही पूरा किया जा सकता है। अब अधिकारियों को इस परियोजना के शुरू होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। शेष 50 प्रतिशत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा में लाने की तत्काल तैयारी करनी चाहिए।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा अगले दो-तीन साल में 8 लाख सोलर पावर पंप भी सरकार को देने हैं, इसलिए कार्यवाही तुरंत शुरू की जाए।

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