Maharashtra Chunav: कैसे महाराष्ट्र में हरियाणा वाली रणनीति पर चल पड़ा महायुति गठबंधन?
Maharashtra Election News: हरियाणा की जीत ने बीजेपी और उसके सहयोगियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। हरियाणा में बीजेपी की रणनीति सफल हुई है। अब महाराष्ट्र में भी महायुति गठबंधन उसी फॉर्मूले को अपनाने की राह पकड़ता दिख रहा है, जिसकी वजह से भाजपा को हरियाणा में लगातार तीसरी बार और पहले से ज्यादा बहुमत से सत्ता सुख मिलने जा रहा है। महायुति गठबंधन यहां भी ओबीसी वोट बैंक पर फोकस करना चाहता है।
हरियाणा में भाजपा की शानदार जीत से सत्ता में कायम रहने के बाद महाराष्ट्र में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे जाहिर होता है कि उसे फिर से सत्ता हासिल करने का बड़ा सुराग हाथ लग चुका है। हरियाणा में बीजेपी की जीत के पीछे ओबीसी वोटरों की गोलबंदी और दलित मतदाताओं का समर्थन सामने आ रहा है।

महाराष्ट्र में हरियाणा वाले फॉर्मूले से चुनाव जीतने की कोशिश!
हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर, 2024 को आए हैं। 10 अक्टूबर को महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने केंद्र सरकार से गैर-क्रीमी लेयर वर्ग की आय की सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए सालाना करने की सिफारिश की है।
ओबीसी वोटबैंक को सहेजने में जुटा महायुति गठबंधन!
दिलचस्प बात ये है कि इससे एक दिन पहले ही यानी 9 अक्टूबर को ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने भी अलग से एक फैसला लिया, जिसमें महाराष्ट्र की सात जातियों को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का यह फैसला भी महाराष्ट्र सरकार के उस अनुरोध पर आधारित है, जिसमें उसने राज्य की 7 जातियों और उनकी उपजातियों को को केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग की गई थी।
ये जातियां और उनकी उपजातियां हैं-
1) लोध, लोधा और लोधी
2) बडगुजर
3) सूर्यवंशी गुजर
4) लेवे गुजर, रेवे गुजर और रेवा गुजर
5) डांगरी
6) भोयर, पवार
7) कपेवार, मुन्नार कपेवार, मुन्नार कापु, तेलंगा, तेलंगी, पेंटार्रेड्डी और बुकेकारी
लोकसभा चुनावों में महायुति को हुआ था नुकसान
2024 के लोकसभा चुनावों में देश के अन्य हिस्सों की तरह ही महाराष्ट्र में भी बीजेपी और उसके महायुति गठबंधन को अपने खिलाफ ओबीसी और दलित मतदाताओं की लामबंदी भारी पड़ी थी। मराठा आरक्षण आंदोलन की वजह से यह समुदाय तो इसके खिलाफ कमर कसकर डटा ही हुआ था।
महाराष्ट्र में 52% वोट बैंक महत्वपूर्ण
महाराष्ट्र में 351 ओबीसी जातियां हैं, जिनकी आबादी करीब 52% बताई जीती है। इनमें से 291 जातियां ही केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल हैं। इस लिस्ट में सात और जातियों और उपजातियों को शामिल करने की मांग लंबे समय से महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है और महायुति सरकार ने उसपर फिर से दांव खेलने की कोशिश की है।
महायुति सरकार के फैसले से ओबीसी समुदाय को बड़ा संदेश देने की कोशिश
माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने और एनसीबीसी की सिफारिशों से विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सीधा संदेश पहुंच सकता है। अकेले विदर्भ क्षेत्र में विधानसभा की 62 सीटें हैं, जहां महायुति को विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) से सीधी चुनौती मिल रही है।
इसी तरह से जिन जातियों को केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश भेजी गई है, उनमें से कुछ का उत्तर महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बड़ी मौजूदगी है। उत्तर महाराष्ट्र में विधानसभा की 35 सीटें हैं, जो बीजेपी की गढ़ रही हैं, लेकिन लोकसभा चुनावों में यहां भी इन्हें नुकसान झेलना पड़ा था।
इसी तरह से मराठवाड़ा क्षेत्र की करीब 35 से 40 विधानसभा क्षेत्रों में संबंधित जातियों का अच्छा-खासा प्रभाव है और एमवीए से निपटने में महायुति को अपने फॉर्मूले से फायदा मिलने की उम्मीद है।
महादेव फॉर्मूले के दायरे से भी आगे निकलने की कोशिश
महाराष्ट्र में बीजेपी महादेव फॉर्मूला (Madhav) पहले से अपनाती रही है। इसमें माली, धनगड़ और वंजारी जातियां शामिल हैं और यह सभी ओबीसी हैं। महाराष्ट्र में फिर से सत्ता में वापसी के लिए पार्टी पहले से ही अपने महादेव फॉर्मूले को मजबूत करने में जुटी हुई थी तो साथ ही ओबीसी वोटबैंक के दायरे में विस्तार के लिए ताजा स्टैंड लिया गया है।
हरियाणा में सफल हो गई बीजेपी की रणनीति
दरअसल, मराठा आंदोलनकारियों ने महायुति सरकार की टेंशन बढ़ा रखी है। लोकसभा चुनावों में इनकी नाराजगी ने गठबंधन को बहुत नुकसान पहुंचाया था। अब बीजेपी प्रभावशाली मराठा समुदाय से मुकाबले के लिए 'गैर-मराठा ओबीसी वोटबैंक' की गोलबंदी पर जोर दे रही है। ठीक उसी तरह से जैसे हरियाणा में 'गैर-जाट वोटरों' की पार्टी के पक्ष में जुटने का उसे फायदा मिला है। ऊपर से बड़ी तादाद में जाटों के भी वोट आए हैं।











Click it and Unblock the Notifications