महायुति का मास्टरस्ट्रोक: कर्जमाफी, सम्मान योजना के 15 हजार, एमएसपी पर सब्सिडी भी
Maharashtra Assembly Election 2024: महागठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। अब कोल्हापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शेतकारी सम्मान योजना का वेतन 12,000 रुपये प्रति वर्ष की बजाय 15,000 रुपये किया जाएगा। उन्होंने कृषि फसलों की एमएसपी पर 20 फीसदी सब्सिडी देने का भी वादा किया। चर्चा है कि किसानों के लिए ये दो घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन का मास्टरस्ट्रोक प्लान होंगी।

12 हजार से अब सीधे 15 हजार मिलेंगे
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शेतकारी सम्मान योजना के तहत किसानों को हर छह महीने में 12,000 रुपये दिए जाते हैं। ये सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा होते हैं, लेकिन अब यह सब्सिडी 12 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी जाएगी। इससे प्रकृति के कारण खेती के बिगड़े गणित को सुधारने में मदद मिलेगी। पहले, यदि किसी किसान को एक रुपया दिया जाता था, तो केवल 15 पैसे ही पहुंचते थे, लेकिन अब, चूंकि सरकार ने किसानों के खातों में सीधे पैसा जमा करने की नीति बनाई है, इसलिए किसानों को बुआई जैसे कृषि कार्यों में आर्थिक योगदान देना होगा। इसमें 15 हजार रुपए में प्रजनन, बीज, खाद की खरीद शामिल है।
किसानों को रिकॉर्ड मदद
पिछले दो साल में महायुति सरकार ने बेमौसम और ओलावृष्टि जैसी मुसीबत में फंसे किसानों को करीब 15 हजार 212 करोड़ की मदद की है। किसानों की समृद्धि के लिए आवश्यक 30 हजार करोड़ की राशि को बढ़ावा दिया गया है। महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान बंद हुई सिंचाई परियोजनाओं को महायुति सरकार ने फिर से शुरू किया। 121 संशोधित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार ने सिंचाई योजना पर करीब 99 हजार 103 करोड़ रुपये खर्च किये और 15 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया।
महायुति से सिंचाई की भी सुविधा हुई
सरकार ने वशिष्ठ नदी से समुद्र में बहने वाले 65 टीएमसी पानी को खेती के लिए मोड़ दिया। कोंकण में तट भर पानी भर गया। छोटे और बड़े बांधों, मध्यम परियोजनाओं में तेजी लाई गई। मराठवाड़ा को पानी उपलब्ध कराने के लिए मराठवाड़ा जल ग्रिड योजना शुरू की गई। इसके अलावा महायुति सरकार ने एक रुपये की फसल बीमा योजना शुरू की जो देश के किसी भी राज्य द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।
किसानों को 16 हजार करोड़ का बोनस
सरकार ने हेक्टेयर नुकसान की भरपाई कर लाभार्थी किसान के खाते में करीब 16 हजार करोड़ का बोनस जमा किया है। महात्मा फुले ऋण राहत योजना के तहत 5 हजार 190 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। दूध उत्पादक किसानों को 5 रुपये सब्सिडी देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा ओलावृष्टि और तूफान का तत्काल पंचनामा कर तत्काल मुआवजा भी दिया जा रहा है।
एमएसपी पर 20 फीसदी सब्सिडी
चूंकि किसानों को उनकी फसलों का आधार मूल्य पहले से पता होता है, इसलिए वह कृषि गणित को समायोजित कर सकते हैं। कौन सी फसल लेनी है और कौन सी नहीं लेनी है इसकी जानकारी मिल जाती है। अब जब सरकार ने एमएसपी पर 20 फीसदी की सब्सिडी का ऐलान किया है तो इससे किसानों को फायदा होने वाला है। इससे संकटग्रस्त कृषि व्यवसाय को नया जीवन मिलेगा। किसानों ने इस घोषणा का स्वागत किया है क्योंकि इससे राज्य के लाखों किसानों को फायदा होगा।












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