हनुमान चालीसा विवाद: 'उद्धव ठाकरे तेरे बाप का नौकर है क्या' मंत्री ने राणा दंपति से क्यों किया ऐसा सवाल ?
मुंबई, 25 अप्रैल: महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पाठ को लेकर जारी विवाद में अब काफी बदजुबानी भी होने लगी है। महाराष्ट्र में कांग्रेस कोटे के एक वरिष्ठ मंत्री ने अब जेल में बंद निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के खिलाफ अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया है। इस बीच इस विवाद में एनसीपी की एक मुस्लिम नेता भी कूद पड़ी है और उन्होंने मामले को दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। बहरहाल, राणा दंपति ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है।

मंत्री ने राणा दंपति के लिए बोले अपशब्द
महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा विवाद बहुत ही गंभीर शक्ल अख्तियार कर चुका है। सत्ताधारी दल के मंत्री तक सांसद-विधायक राणा दंपति के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इस विवाद में मुंबई की एक एनसीपी नेता फहमिदा हसन भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने तंज भरे अंदाज में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखकर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धार्मिक पाठ पढ़ने की अनुमति मांगी है। हासन ने पीएम आवास 7, जन कल्याण मार्ग के बाहर हनुमान चालीसा के अलावा दूसरे धर्मों के धार्मिक जाप करने की भी इजाजत मांगी है। उन्होंने लिखा है, 'ये मंत्र देश में बेरोजगारी, महंगाई और कम जीडीपी जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को सुलझाने में मदद करेंगे।'

'उद्धव ठाकरे तेरे बाप का नौकर है क्या'
उधर इस विवाद में महाराष्ट्र के कांग्रेस कोटे से राहत और पुनर्वास विभाग के कैबिनेट मंत्री विजय वाडेत्तिवार ने निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति निर्दलीय विधायक रवि राणा के खिलाफ अपशब्दों तक का इस्तेमाल किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस विवाद में राणा दंपति पर गुस्सा जाहिर करते हुए मंत्री ने कहा है, 'मुख्यमंत्री को हनुमान चालीसा पढ़ना ही होगा, अगर वो नहीं करेंगे तो हम मातोश्री जाएंगे और उनसे इसका पाठ करवाएंगे।' उन्होंने अपनी जुबान को बेलगाम छोड़ते हुए कहा, 'अरे तेरे बाप का क्या जाता है? तुझे जो बोलना है बोल।' 'लेकिन, नहीं, नहीं। उद्धव ठाकरे को ही बोलना चाहिए। तेरे बाप का नौकर है क्या ?' वाडेत्तिवार का कहना था कि समाज में दुश्मनी पैदा करने के लिए ये लोग हनुमान चालीसा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'हर घर में हनुमान चालीसा का पाठ होता है। अपनी शादी से पहले भारतीय भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेते हैं।'

उद्धव के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की चुनौती दी थी
दरअसल, महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा विवाद एमएनएस चीफ राज ठाकरे की ओर से उद्धव सरकार को दिए गए उस अल्टीमेटम से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाने की सूरत में, उसके बाहर हनुमान चालीसा के पाठ की चुनौती दे रखी है। इसके बाद अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति और निर्दलीय विधायक रवि राणा ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। राणा दंपति की मांग थी कि उद्धव को हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर अपने घर से बाहर आकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर वे मुंबई आंएगे और उनके घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। लेकिन, इससे पहले ही शिवसेना के कार्यकर्ता राणा दंपति के घर पहुंच गए और उन्हें 'धमकाया' और उन्हें 'परेशान' किया। उधर मातोश्री को तो सैकड़ों शिवसेना कार्यकर्ताओं और पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले रखा था। शनिवार शाम तक विवाद बढ़ा और खार पुलिस ने 'विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने' की धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उधर राणा दंपति ने मुंबई पुलिस से सीएम उद्धव ठाकरे, शिवसेना नेता अनिल परब और संजय राउत समेत 700 लोगों के खिलाफ अपने आवास के बाहर जुटने के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी हुई है।

तलोजा जेल में रखे गए हैं राणा दंपति
रविवार को बांद्रा कोर्ट ने दंपति को 14 की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें नवी मुंबई की तलोजा जेल में रखा गया है। मुंबई पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 124-ए के तहत देशद्रोह का भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरकारी वकील प्रदीप घरत के मुताबिक यह धारा सरकारी मशीनरी को चुनौती देने और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ टिप्पणियां करने के लिए लगाई गई हैं। उधर महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वाल्से पाटिल ने इनकी गिरफ्तारी को 'उचित' करार दिया है। उधर इस विवाद पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है, 'राणा दंपति राष्ट्रीय स्तर पर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहता था। बल्कि, उन्हें तो इसकी जगह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवासों पर पाठ करना चाहिए।' बहरहाल, इनकी शिकायत पर मुंबई पुलिस ने 16 शिवसेना कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है और बाकी की तलाश जारी होने की बात कही है।

बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे राणा दंपति
उधर नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा अपने खिलाफ पुलिस की एफआईआर रद्द करवाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। वह उद्धव के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहते थे, लेकिन मुंबई पुलिस ने उन्हें देशद्रोह समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है और निचली अदालत से उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली है।












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