'संविधान हत्या दिवस' को लेकर उद्वव की शिवसेना और एनसीपी ने बीजेपी पर किया कटाक्ष
25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शिवसेना (UTB) और एनसीपी (एसपी) ने आलोचना की है। याद रहे 25 जून 1975 में आपातकाल की घोषणा की गई थी।
एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने टिप्पणी की कि अगर भाजपा ने लोकसभा चुनावों में 400 सीटें जीती होतीं, तो वे इसके बजाय 'संविधान बदली दिवस' घोषित करते।

वर्तमान मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मौजूदा मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय पिछली घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल आज आपातकाल जैसी स्थिति जैसा है।
राउत ने कहा "किसी को भी उठाकर जेल में डाल दिया जाता है। अदालतों पर दबाव है, आप केंद्रीय एजेंसियों को चला रहे हैं, विरोधियों को जेल में डाल रहे हैं, भ्रष्टाचार और अराजकता बढ़ रही है।"
राउत ने यह भी कहा कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है और इंदिरा गांधी के समय की स्थिति से इसकी तुलना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंदिरा गांधी ने कहीं अधिक खतरनाक परिस्थितियों का सामना किया था।
वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह दिन आपातकाल के दौरान पीड़ित लोगों के सम्मान में मनाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक गजट अधिसूचना में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि आपातकाल के दौरान "सत्ता का घोर दुरुपयोग" हुआ और लोगों पर "ज्यादतियां और अत्याचार" किए गए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान भाजपा सहित कई विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया था।












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