EVM Unlock: मुंबई के सांसद के रिश्तेदार पर EVM अनलॉक का केस, राहुल से लेकर ठाकरे तक ने कोसा!
EVM Unlock Case: मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर के खिलाफ ईवीएम अनलॉक करने का मामला दर्ज कराया गया है। आरोप है कि 4 जून को मतगणना केंद्र पर मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के बावजूद कथित तौर पर पंडिलकर ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल किया।
जानकारी के मुताबिक, मतदान कर्मी दिनेश गुरव की शिकायत पर पांडिलकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक निर्दलीय उम्मीदवार ने पंडिलकर को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते देखा और निर्वाचन अधिकारी को इसकी जानकारी दी। निर्वाचन अधिकारी ने मुंबई स्थित वनराई पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। अधिकारी ने बताया कि पंडिलकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (आधिकारिक आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ईवीएम अनलॉक के लिए फोन का इस्तेमाल?
एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मंगेश पंडिलकर उस फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ा था। मिड-डे ने पुलिस के हवाले से बताया कि इस मोबाइल फोन का इस्तेमाल ईवीएम मशीन को अनलॉक करने वाले ओटीपी को जनरेट करने के लिए किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मोबाइल फोन का डेटा और कॉल रिकॉर्ड पता करने के लिए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में भेज दिया है। मिड-डे ने वनराई पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल किसी और वजह से तो नहीं किया गया।
वायकर मात्र 48 वोटों से जीते
अहम बात यह है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से रविंद्र वायकर ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को सिर्फ 48 वोटों से मात दी। पहले, कीर्तिकर को एक वोट से विजयी बताया गया। लेकिन, रीकाउंटिंग में पासा बदल गया। जीत के घेरे में रविंद्र वायकर को 4 लाख 52 हजार 644 वोटों के साथ पहुंच गए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने कहा कि मुंबई में NDA के कैंडिडेट रवींद्र वायकर के रिश्तेदार का मोबाइल फोन EVM से जुड़ा था। NDA के इस कैंडिडेट की जीत सिर्फ 48 वोट से हुई है। ऐसे में सवाल है कि आखिर NDA के कैंडिडेट के रिश्तेदार का मोबाइल EVM से क्यों जुड़ा था? जहां वोटों की गिनती हो रही थी, वहां मोबाइल फोन कैसे पहुंचा? चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
राहुल ने EVM को बताया 'ब्लैक बॉक्स'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत में ईवीएम एक 'ब्लैक बॉक्स' है और किसी को भी उसकी जांच करने की इजाजत नहीं है। राहुल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि हमारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। जब संस्थानों में जवाबदेही की कमी हो जाती है, तो लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है।
शिवसेना ने लगाए ये आरोप
शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि आश्चर्य की बात है, या नहीं, चुनाव आयोग ने पूरी तरह से समझौता करते हुए, मतगणना केंद्र के सीसीटीवी फुटेज साझा करने से इनकार कर दिया है। मुझे लगता है कि यह एक और चंडीगढ़ पल से बचने की कोशिश कर रहा है। हमने हमेशा कहा कि बीजेपी और माइंडहे गैंग हमारे लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं और हमारे संविधान को बदलना चाहते हैं। यह कदाचार ऐसा करने के उनके निरंतर प्रयास का एक हिस्सा है। एक बार गद्दार, हमेशा गद्दार!
बीजेपी नेता ने किया खंडन
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय ईवीएम विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं, सुरक्षित हैं और किसी भी नेटवर्क या मीडिया से अलग हैं - कोई कनेक्टिविटी नहीं, कोई ब्लूटूथ, वाईफाई, इंटरनेट नहीं। यानी कोई रास्ता नहीं है। फैक्टरी प्रोग्राम किए गए नियंत्रक जिन्हें दोबारा प्रोग्राम नहीं किया जा सकता है।
चंद्रशेखर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम के इस्तेमाल पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। मस्क ने शनिवार को चुनावों से ईवीएम को हटाने की मांग की थी।












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