इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स से नहीं देखा गया बैलों का दर्द, बैलगाड़ी में जोड़ दिया हवाई जहाज जैसा सिस्टम!

नई दिल्ली, 15 जुलाई: सोशल मीडिया पर आए दिन हजारों तस्वीरें और वीडियोज वायरल होते रहते हैं। कई वीडियो और तस्वीरें इतनी शानदार होती हैं, जिन्हें लोग बार-बार देखना पसंद करते हैं। इन दिनों एक ऐसी ही मार्मिक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें कुछ छात्रों के समूह से जब बैलों का दर्द नहीं देखा गया तो उन्होंने उनकी दिक्कत को कम करने के लिए एक अनोखी तकनीक खोज निकाली। छात्रों ने गन्ना ढोने वाली बैलगाड़ी में रोलिंग सपोर्ट लगा दिया। ताकि बैलों को भारी वजन से राहत मिल सके।

बैल की मदद के लिए लगा दिया इनोवेटिव रोलिंग सिस्टम

बैल की मदद के लिए लगा दिया इनोवेटिव रोलिंग सिस्टम

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरे में एक गन्ने से काफी उंचाई तक लदी बैलगाड़ी को बैल खींच कर ले जाते हुए दिख रहे हैं। इस बैलगाड़ी में आग की ओर दोनों बैलों के बीच में एक पहिए के जरिए सपोर्ट दिया गया है। इस देशी तकनीक को देखकर पहली बार में लोग भौचक्के रह जाते हैं। दरअसल बैलगाड़ी में लगाया गया रोलिंग सपोर्ट हवाई जहाज में अगले पहिए की तरह दिखता है। हवाई जहाज जैसे दिखने वाले इस सिस्टम से बैलों को भारी बोझ उठाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है।

पांच दोस्तों ने मिलकर कर डाला ये अविष्कार

पांच दोस्तों ने मिलकर कर डाला ये अविष्कार

एबीपी मांझा की खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के सांगली जिले के इस्लामपुर में आरआईटी के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे कुछ छात्रों ने इस डिवाइस को बनाकर तैयार किया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक 'सारथी' प्रोजेक्ट के तहत छात्र निखिल तिपायले, ओंकार मिरजकर, आकाश कदम, आकाश गायकवाड़ और सौरभ भोसले ने गन्ना बैलगाड़ी के लिए ये रोलिंग सपोर्ट सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम दो बैलों के बीच में फिट किया जाता है। ये रोलिंग सपोर्ट बैलों पर भार को कम करता है और बैलगाड़ी को पूरी तरह संतुलित भी रखता है।

अभी टेस्टिंग के दौर से गुजर रहा है रोलिंग सिस्टम

अभी टेस्टिंग के दौर से गुजर रहा है रोलिंग सिस्टम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सिस्टम अभी टेस्टिंग की प्रक्रिया से गुजर रहा है। राजारामबापू सहकारी चीनी मिल में बैलगाड़ियों में इस आविष्कार का टेस्टिंग की जा रही है। शुरुआती दौर में ये सिस्टम बैलों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। इस रोलिंग सपोर्ट के माध्यम से बैलों के कंधो पर से गन्ने का वजन हल्का होने में अच्छी खासी मदद मिल रही है।

पेटेंट के लिए किया आवेदन

पेटेंट के लिए किया आवेदन

यही नहीं यह रोलिंग सपोर्ट बैलों की ऊंचाई के अनुसार ऊपर और नीचे जा सकता है। गन्ना लदाई और परिवहन करते समय रोलिंग सपोर्ट एडजस्ट किया जा सकता है। बैलगाड़ी चालक, किसानों को ये नया रोलिंग सपोर्ट काफी पसंद आ रहा है। आर.आई. टी कॉलेज के डॉ. कृष्णजी पाटिल ने अधिक जानकारी देते हुए बताया की, इस परियोजना के लिए लीड कॉलेज योजना के तहत शिवाजी विश्वविद्यालय से 10,000 रुपये प्राप्त हुए हैं। इस रोलिंग सपोर्ट प्रोजेक्ट के पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।

आविष्कार ने जीता लोगों का दिल

यही नहीं इस तस्वीर को लोग सोशल मीडिया पर जमकर शेयर भी कर रहे हैं। रोलिंग सपोर्ट की तस्वीर शेयर करते हुए आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने लिखा, 'बैलों का लोड कम करने के लिए बैलगाड़ी पर लगाया गया रोलिंग स्पोर्ट।' उनके ट्वीट को न्यूज लिखे जाने तक 14 हजार से अधिक व्यूज और 1500 से ज्यादा रीट्वीट्स मिल चुके हैं। साथ ही, सैकड़ों यूजर्स इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां कुछ यूजर्स ने लिखा कि इंसानियत का विकास।

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