देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में भी जातिगत जनगणना के दिए संकेत
जिस तरह से देश में पहली बार जातिगत जनगणना के आंकड़े बिहार से सामने आए हैं उसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि प्रदेश में भी जातिगत जनगणना हो सकती है।
देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि प्रदेश सरकार भी जातिगत जनगणना को लेकर सकारात्मक है, लेकिन हम पहले पंजाब की आधिकारिक रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे। भाजपा ने विदर्भ में ओबीसी जनजागृति यात्रा के पहले चरण के ठीक बाद इसका ऐलान किया है। यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है जहां पार्टी ओबीसी वोट बैंक के दम पर पिछले काफी समय से पार्टी जीतती नजर आ रही है।

बता दें कि प्रदेश में कई जातियां आरक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। मराठा अपने कोटा फिर से वापस चाहते हैं, वो खुद को ओबीसी वर्ग में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने इसको लेकर आश्वासन दिया था।
ओबीसी वर्ग का कहना है कि हमारी संख्या काफी अधिक है लेकिन बावजूद इसके हमे हमारा सही कोटा नहीं मिल रहा है। तकरीबन 400 जातियां महाराष्ट्र में ओबीसी वर्ग में आती हैं। इस बात की भी डर है कि कहीं इसे ओबीसी में शामिल किए जाने से असंतुलन ना आ जाए।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमने अभी तक बिहार की रिपोर्ट नहीं देखी है। हम इसके आधिकारिक वर्जन का पहले अध्ययन करेंगे, हमे पहले इसकी सत्यता को देखना होगा, इसका क्या प्रभाव है, इसे किस तरह से तैयार किया गया हैा।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे। हम इस तरह की जनगणना के पक्ष में नहीं हैं। फडणवीस ने कहा कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नीतीश सरकार ने इस तरह का पहली जनगणना की है। कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकारों ने इसको लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।












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