Congress Uddhav Thackeray के संपर्क में! केसी वेणुगोपाल ने मुलाकात के बाद कहा- देश संकट में, सब मिलकर लड़ेंगे
आगामी चुनावों से पहले बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने की रणनीति बना रही विपक्षी पार्टियां एकजुटता की कोशिशों में जुटी हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस नेताओं की मुलाकात हुई है। जानिए सियासी अपडेट क्या है

Congress Uddhav Thackeray: बीजेपी के खिलाफ जनता को एकजुट करने की कोशिशों में जुटीं पार्टियों की एक और कोशिश सामने आई। दरअसल, विपक्षी दलों को एकजुट करने की कवायद के तहत जदयू, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां अलग-अलग दलों के साथ संपर्क कर रही हैं।
एक फ्रेम में दिखे बड़े नेता
इसी कड़ी में ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (AICC) के General Secretary KC Venugopal ने Uddhav Thackeray से मुलाकात की। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Balasaheb Thorat और राज्य सभा सांसद शिवसेना (उद्धव गुट) Sanjay Raut भी मौजूद रहे।
विचारधारा अलग, लेकिन देश संकट में है
उद्धव से मुलाकात के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, हमारा एक ही मुद्दा है, तानाशाही वाली मोदी सरकार के खिलाफ लड़ना। शिवसेना, कांग्रेस व अन्य पार्टियों की अपनी-अपनी विचारधारा है, लेकिन देश इस समय बहुत संकट में है।
पूर्व CM के आवास पर हुई मीटिंग
मुंबई में उद्धव से उनके आवास मातोश्री में मुलाकात के बाद वेणुगोपाल ने कहा, देश ने पहले ऐसी स्थिति नहीं देखी। इस पर पूरा विपक्ष एक साथ है। हमने इस पर बात की और हम सब मिलकर लड़ेंगे।
25-30 साल में भी बीजेपी नहीं समझी
महाराष्ट्र के पूर्व CM उद्धव ने वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद कहा, "हमने 25-30 साल तक बीजेपी से संबंध बनाए रखा, लेकिन उन्हें समझ नहीं आया कि कौन दोस्त है और कौन विरोधी। देश में लोकतंत्र की लड़ाई हम मिलकर लड़ेंगे।"
राजद-जदयू नेता भी कांग्रेस के साथ!
बता दें कि महाराष्ट्र में हुई इस हाइप्रोफाइल मीटिंग से पहले दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बैठक भी सुर्खियों में रही थी। नीतीश कुमार के साथ राजद नेता और डिप्टी सीएम तेजस्वी भी मौजूद रहे थे।
राहुल गांधी बिहार के CM से मिलने पर क्या बोले?
इस बैठक के बाद भी सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर से विपक्षी एकजुटता की कवायद की बात कही थी। खुद राहुल गांधी ने भी कहा था कि मिलकर लड़ने की बात पर सहमति बनी है। आने वाले दिनों में और डिटेल शेयर की जाएगी।
शिवसेना के 'बागी' शिंदे को BJP का साथ मिला
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, कभी सहयोगी रहे एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पिछले साल सीएम पद गंवा बैठे थे। शिंदे को भाजपा का समर्थन मिला और सरकार बनाई गई।
उद्धव बीजेपी के खिलाफ और विपक्ष के साथ
इस सियासी उलटफेर के बाद उद्धव को चुनाव आयोग के फैसले से भी झटका लगा। शिवसेना का नाम और पार्टी का इलेक्शन सिंबल भी उद्धव के बदले एकनाथ शिंदे को अलॉट हो गया। इसके बाद से उद्धव खेमा बीजेपी पर हमलावर है।












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