Maharashtra: सीएम शिंदे के विज्ञापन ने फिर मचाया बवाल, भाजपा को मनाने के चक्कर में कर बैठे बड़ी भूल
'भारत में मोदी और महाराष्ट्र में शिंदे' वाले विज्ञापन के फौरन बाद से ही सत्ताधारी शिवसेना डैमेज कंट्रोल में उतर गई थी। बुधवार को उसने एक नया विज्ञापन भी छापा, लेकिन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी से इसमें पूरी कोशिश के बावजूद एक बड़ी गलती हो गई।
मंगलवार के विज्ञापन में एक सर्वे का हवाला देकर सीएम शिंदे की शिवसेना ने विज्ञापन छापा था, जिसमें उन्हें प्रदेश में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ज्यादा लोकप्रिय नेता बताया गया था। हालांकि, सीएम ने तभी से इस मामले को हल्का करने की कोशिश शुरू कर दी थी।

कोल्हापुर की बैठक में नहीं पहुंचे थे फडणवीस
मुख्यमंत्री शिंदे ने पहले वाले विज्ञापन आने के बाद कहा था कि वह और बीजेपी नेता फडणवीस दोनों ही लोगों के मन में हैं और दोनों ही मिलकर राज्य के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन, इसके बाद कोल्हापुर में एक सरकारी कार्यक्रम हुआ, जिसमें सीएम के साथ डिप्टी सीएम को भी जाना था, पर वह कान की बीमारी के नाम पर उसमें नहीं पहुंचे।
भूल सुधार में शिवसेना ने दिया नया विज्ञापन
इस बीच सीएम शिंदे की शिवसेना की ओर से बुधवार को एक और नया विज्ञापन जारी किया गया है। इसमें मंगलवार की गलती को सुधाने की भरपूर कोशिश करते हुए महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को लोगों की पहली पसंद बताया गया है। इसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोनों को बराबर जगह दी गई है।
भाजपा नेता और चुनाव चिन्ह को प्रमुखता देने की कोशिश
बुधवार के विज्ञापन में भाजपा के चुनाव चिन्ह को शिवसेना के चुनाव चिन्ह से पहले जगह दी गई है। साथ ही साथ पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को भी स्थान दिया गया है। लेकिन, इतना सबकुछ करने के बावजूद डैमेज कंट्रोल की जगह शिवसेना से फिर बड़ी भूल हो गई है।
डैमज कंट्रोल करना चाहती थी शिवसेना, लेकिन हो गई गड़बड़
शिवसेना की ओर से जो ताजा विज्ञापन दिया गया है, उसमें सरकार की ओर से महाराष्ट्र के मंत्री प्रदेश की जनता को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं। लेकिन, इसमें सिर्फ शिवसेना कोटे के मंत्रियों को जगह दी गई है, भाजपा के मंत्रियों को नजरअंदाज कर दिया गया है। जबकि, शिंदे सरकार में भाजपा ही बड़ी सहयोगी है।
सीएम शिंदे ने खुद दी थी सफाई
मंगलवार को आए विज्ञापन पर बीजेपी की नाराजगी की खबरों पर सफाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, 'सर्वे दिखाता है कि राज्य की जनता ने मुझे और देवेंद्र फडणवीस को चुना है....फोटो की परवाह किए बिना लोगों ने हमारा आभार जताया है। हम लोगों के दिलों में हैं, चाहे वहां एक फोटो है या नहीं...इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह एक वैचारिक गठबंधन है, स्वार्थ के लिए या कुर्सी के लिए नहीं...... '
'कोई गलतफहमी या मतभेद नहीं है'
हालांकि, जब फडणवीस कोल्हापुर वाली बैठक से नदारद रहे तो कई तरह की चर्चाएं गर्म हो गईं। लेकिन, कोल्हापुर के गार्जियन मंत्री दीपक केसरकर ने अटकलबाजियों को खारिज करते हुए सफाई दी थी कि 'कोई गलतफहमी या मतभेद नहीं है। एक या दो विज्ञापनों में गलती हो जा सकती है। अगर कोई भूल है तो उसे सुधारा जा सकता है।.....हम विज्ञापन देखेंगे और पता करेंगे कि यह कैसे आ गया। '












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