मुंबई के बाद महाराष्ट्र के पुणे और नागपुर में भी CAA का विरोध, कई जिलों में भीड़ ने बसों पर पत्थर बरसाए
मुंबई. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में महाराष्ट्र में मुंबई के बाद पुणे, नागपुर, बीड, नांदेड़ और परभनी जिलों में व्यापक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने बसों पर पथराव किया। बसों में बैठे यात्री चीखते-चिल्लाते रहे। कई स्थानों पर हाईवे जाम कर दिए गए। मकान-दुकानों को भी निशाना बनाया गया। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बीड, नांदेड़ और परभनी जिलों में पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई। वहीं, नागपुर और पुणे जिलों भी हजारों की भीड़ एकत्रित हुई।

महाराष्ट्र के पुणे में मुस्लिम महिलाएं भी बुर्का पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान काफी लोगों ने हाथों में तिरंगा लिए 'नो एनआरसी, नो सीएए' के पोस्टर निकाले। वहीं, नागपुर में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक विरोध जताया। इस मर्तबा भारी पुलिस-जाब्ता तैनात रहा। राज्य पुलिस के जवानों के साथ अन्य सुरक्षाकर्मी भी हालातों पर नजर रखे रहे। संघ नगरी कहे जाने वाले नागपुर में कई लोग हाथों में 'कहां से लिया ये डिवाइड एंड रूल' जैसी तख्तियां लहराईं।

पड़ोसी प्रांत में भी रही सख्ती
इधर, पड़ोसी प्रांत कर्नाटक में भी व्यापक प्रदर्शन जारी रहा। यहां मंगलौर और दक्षिण कन्नड़ जिले में 21 दिसंबर को रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद कर दिया गया। बेंगलुरु में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। मंगलौर में बस सेवा बंद भी कर दी गई। शहर में धारा 144 अब 22 दिसंबर तक बढ़ाई गई।

प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को मंगलौर में पुलिस स्टेशन में आग लगाई थी। पथराव में 20 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। पुलिस की फायरिंग में 2 लोगों की मौत हो गई थी। उधर, बेंगलुरु में प्रदर्शन और हिंसा के मामले 24 लोगों को गिरफ्तार किया।












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