BMC चुनाव की गिनती के बीच सियासी भूचाल, वोट चोरी के आरोप पर राहुल गांधी ने EC को घेरा
Maharashtra Municipal Corporation Elections: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव की मतगणना के शुरुआती घंटों में ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता (Fairness) पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक भरोसे की गिरावट करार दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गुमराह करना लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में 'वोट चोरी' को एक 'राष्ट्रविरोधी कृत्य' बताया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक नई बहस छिड़ गई है।

BMC मतगणना रुझान: महायुति को शुरुआती बढ़त
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का 'महायुति' गठबंधन काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। पोस्टल बैलेट की गिनती के अनुसार, महायुति गठबंधन करीब 52 वार्डों में आगे चल रहा है, जिसमें भाजपा 35 और शिवसेना 17 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना का क्या है हाल?
इसके विपरीत, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) फिलहाल 22 सीटों और राज ठाकरे की मनसे (MNS) 8 सीटों पर आगे है। कांग्रेस के लिए शुरुआत बेहद धीमी रही है और वह केवल 4 सीटों पर बढ़त हासिल कर पाई है।
मतदान का प्रतिशत और मतदाताओं का समीकरण
चुनाव आयोग (SEC) द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, इस बार मुंबई में कुल 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। भारत की सबसे अमीर नगर पालिका के लिए आठ साल के लंबे अंतराल के बाद हुए इन चुनावों में कुल 1,03,44,315 रजिस्टर्ड मतदाताओं में से 54,76,043 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
लिंग आधारित आंकड़ों पर गौर करें तो पुरुषों की भागीदारी महिलाओं की तुलना में अधिक रही। लगभग 29.23 लाख पुरुष मतदाताओं और 25.52 लाख महिला मतदाताओं के साथ-साथ 251 ट्रांसजेंडर मतदाताओं ने भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
चार साल बाद मुंबई को मिलेगा नया मेयर
साल 2017 के बाद अब जाकर हुए इन चुनावों के नतीजों के साथ ही मुंबई को करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद नया महापौर (मेयर) मिलने वाला है। पिछली मेयर किशोरी पेडनेकर का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था, जिसके बाद से निगम का संचालन प्रशासक के जरिए हो रहा था।
हालांकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान शिवसेना (UBT) और मनसे गठबंधन ने कई अनियमितताओं के आरोप लगाए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। वर्तमान में रुझान एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुरूप ही दिखाई दे रहे हैं, जहां भाजपा-शिवसेना गठबंधन की जीत की संभावना प्रबल है।












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