'मेरा जेंडर देखकर न करें मेरे काम का मूल्यांकन', बारामती उपचुनाव से पहले अजित का जिक्र कर भावुक हुईं सुनेत्रा
Baramati by-election 2026: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस सीट से अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार उपचुनाव लड़ रही हैं। सुनेत्रा ने बारामती विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल कर दिवंगत पति अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।
बारामती उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए सुनेत्रा पवार ने भीषण गर्मी में प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने रविवार को अपने चुनाव कैंपेन की शुरुआत बारामती के कन्हेरी गांव के हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद की।सुनेत्रा पवार ने अपने पति की परंपरा को जिंदा रखने के लिए ऐसा किया। उनके दिवंगत पति अजित पवार भी ऐसे ही हनुमान मंदिर में दर्शन करके अपने चुनाव प्रचार की शुरूआत करते थे।

चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा, "शुरू में एक महिला के नाते जिम्मेदारी निभाने पर आशंकाएं थीं। अजितदादा के आशीर्वाद और बारामती के लोगों के सहयोग से मुझे इस चुनौती का सामना करने की शक्ति मिली।" सुनेत्रा पवार ने भावुक होकर कहा, मेरे काम का मूल्यांकन मेरे महिला होने के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
सुनेत्रा पवार ने अजित प्लेन हादसे का किया जिक्र
सुनेत्रा पवार ने दिवंगत पति अजित पवार के प्लेन क्रैश के दुखद हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि घटनास्थल पर बिखरे कागजात इस बात के गवाह थे कि अजितदादा अपनी आखिरी सांस तक काम करते रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब उनकी विरासत को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
सुनेत्रा पवार ने लाडकी बहिन योजना का किया जिक्र
सुनेत्रा पवार ने कहा, "उनके दुखद निधन के बाद, हमें उनके कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाना होगा। समाज सेवा अजितदादा की मूल विचारधारा थी, और वे जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना सभी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध थे।"
"मेरे काम का मूल्यांकन लिंग के आधार पर ना करें"
सुनेत्रा पवार ने 'लाडकी बहिन योजना' का जिक्र बताया कि अजित दादा ने महिलाओं को कैसे न्याय सुनिश्चित किया।सुनेत्रा पवार ने कहा, हम उस परिवार की सदस्य हैं जिसने महिलाओं के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अतः उनके काम का मूल्यांकन लिंग के आधार पर नहीं होना चाहिए।
अजित दादा के अधूरे वादे करूंगी पूरा
सुनेत्रा पवार ने दिवंगत अजित पवार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को जारी रखने का वादा किया। इसमें बारामती तहसील के 33 गांवों में पानी की किल्लत दूर करना भी शामिल है। अजित पवार के इस वर्ष जनवरी में विमान दुर्घटना में निधन के कारण 23 अप्रैल को उप-चुनाव होना आवश्यक हो गया है। उन्होंने 1991 से विधायक के रूप में आठ बार बारामती का प्रतिनिधित्व किया था।
बारामती में कब है उपचुनाव?
बारामती विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। पवार परिवार का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली यह सीट इस बार राजनीतिक विरासत, भावनात्मक जुड़ाव और विकास के विभिन्न मॉडलों की कड़ी परीक्षा बन गई है।













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