Loksabha election 2024: बारामती से दावेदार कौन? ननद सुप्रिया को चुनौती दे सकती हैं सुनेत्रा पवार
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिली है। शरद पवार की एनसीपी टूट चुकी है। अजीत पवार को पार्टी की कामन मिल गई है। जिसके बाद महाराष्ट्र में अब लोकसभा चुनावों के देखते हुए सीटों की लड़ाई शुरू हो गई है।
लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वन इंडिया द्वारा शुरू की गई सीरीज 'दावेदार कौन' के तहत हम महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट के बार में बात करने वाले हैं। फिलहाल यहां से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले लोकसभा सांसद हैं।

बारामती लोकसभा चुनाव क्षेत्र को लेकर डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी ताल ठोंक दी है। माना जा रहा है कि यहां पर ननद सुप्रिया सुले बनाम भाभी सुनेत्रा अजित पवार के बीच रोचक मुकाबला होने की संभावना है। इस बार बारामती लोकसभा का चुनाव बेहद रोचक रहेगा।
सुप्रिया यहां से फिर आजमाएंगी किस्मत
बारामती परंपरागत रूप से शरद पवार और सुप्रिया सुले का गढ़ रहा है। सुले ने 2009 से लगातार तीन बार बारामती निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उनसे पहले उनके पिता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार 1996 से 2004 तक लगातार सांसद रहे हैं। 2009 से सुप्रिया सुले यहां से सांसद हैं। लेकिन 2024 में सुनेत्रा पवार ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती से चुनाव लड़ सकती हैं। इस सीट पर पवार परिवार को बीच ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
ननद के खिलाफ मैदान में होंगी भाभी सुनेत्रा पवार?
अजित पवार ने शुक्रवार को इशारा किया है कि वो बारामती में सुप्रिया सुले के खिलाफ किसी ऐसे उम्मीदवार को उतार रहे हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ेगा। अजीत पवार ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि लोग आपके पास आएंगे और भावनात्मक मुद्दों पर आपसे वोट मांगेंगे, लेकिन यह आपको तय करना है कि आप भावनात्मक आधार पर वोट देंगे या नहीं।
अजित पवार ने कहा कि हमारे पवार परिवार में शरद पवार एकमात्र वरिष्ठ हैं। बाकी कुछ लोग भी हैं, जो पुणे में रहते हैं। लोकसभा चुनाव में मेरे परिवार को छोड़कर शायद सभी लोग मेरे खिलाफ प्रचार करेंगे। भले ही मेरे घर के लोग मेरे खिलाफ गए, लेकिन जनता मेरे साथ खड़ी है। अजित पवार ने आगे कहा कि हर किसी को चुनाव प्रचार करने की आजादी है, लेकिन मुझे अकेला करने के लिए कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, अपनी भावी पीढ़ियों के कल्याण के लिए विकास कार्य जारी रखें। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य के गठन और चुनाव शुरू होने के बाद से आज तक बारामती में ऐसा कभी नहीं हुआ कि विपक्षी उम्मीदवार की जमानत जब्त न हुई हो। मुझे इस बात पर गर्व है। इस बीच बारामती क्षेत्र में सुनेत्रा पवार की तस्वीरों के साथ प्रचार गाड़ियां घूम रही हैं। जिसके बाद माना जा रहा है कि, सुनेत्रा ने मैदान में अपनी दावेदारी ठोंक दी है।
कौन हैं सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार का नाता एक बड़े राजनीतिक परिवार से रहा है। उनके भाई पदमसिंह पाटिल पूर्व मंत्री हैं जबकि उनके भतीजे राणा जगजीतसिंह पदमसिंह पाटिल उस्मानाबाद से भाजपा के विधायक हैं। शादी के बाद वह पवार परिवार का हिस्सा बन गईं। सुनेत्रा और अजित पवार के दो बेटे हैं- जय और पार्थ पवार। जय परिवार का बिजनेस संभालते हैं, वहीं पार्थ ने मावल से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
बारामती के लोगों के लिए सुनेत्रा नया नाम नहीं है। वे इस क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में लगी रहती है। सुनेत्रा पवार स्वदेशी और प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान के लिए ट्रस्टी के रूप में काम करती हैं। 2011 से फ्रांस में विश्व उद्यमिता मंच की थिंक टैंक सदस्य रही हैं। सुनेत्रा पवार 2010 में स्थापित एक गैर सरकारी संगठन एनवायर्नमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की संस्थापक हैं।












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