ABVP ने कुलपति राजेश सिंह को शीघ्र हटाने की मांग की

Gorakhpur News: दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (डीडीयू) गोरखपुर के कुलपति प्रो. राजेश कुमार सिंह पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। बिहार के पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए उन पर लगे आरोप, एफआईआर, लोकायुक्त के यहां वाद दाखिल करने के दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायतें की जा रही है। यहां भी वहीं आरोप लगे हैं जो वर्तमान समय में गोरखपुर विश्वविद्यालय में रहने के दौरान लगे हैं।

भागलपुर के जमुनिया निवासी बिमल कुमार राय ने लोकायुक्त बिहार के यहां दाखिल डेढ़ हजार पन्नों की शिकायत में पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति राजेश कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाये थे। शिकायती पत्र में कहा गया कि कुलपति ने 18 जून 2019 में सीबीएससी मॉडल के पीजी पाठ्यक्रमों के लिये जो आवेदन पत्र मांगे और उसकी शर्तों के विपरीत जाकर निर्णय लिये। जिससे छात्रों का भारी नुकसान हुआ। यही नहीं कालेजों को पाठ्यक्रम संचालन की मान्यता देने में बड़ी गड़बड़ियां की गयी।

abvp

जिन कालेजों को मान्यता प्रदान नहीं की गयी उनमें भी दाखिले दे दिये गये। शिकायती पत्र में कालेजों और पाठ्यक्रमों का विस्तार से विवरण दिया गया है। विवि की ओर से जारी किये आदेशों की प्रतिया लगाई गई हैं। नये पाठयक्रमों के संचालन के लिए पार्ट टाइम शिक्षकों की नियुक्ति में यूजीसी और बिहार राज्य उच्च शिक्षा नियमावली का उल्लंघन किया गया। लोकायुक्त बिहार ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है। शिकायती पत्र में बिहार विधान सभा के सदस्य मनोहर प्रसाद सिंह का शिकायती पत्र भी लगाया गया है, जिसमें उन्होंने कुलपति के विरुद्ध मनिहारी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 553/17 धारा 406, 420 आईपीसी का उल्लेख किया गया है। यह भी कहा गया है कि उल्लेख करते हुए अदालत ने डॉ. शब्बीर हुसैन को छात्र कल्याण अध्यक्ष, अंजनी कुमार मिश्र को कुलानुशासक, चन्द्रकांत यादव, जय प्रकाश, पवन कुमार झा के चरित्र सत्यापन का आदेश दिया गया था, परन्तु कुलपति राजेश कुमार सिंह को कदाचार का दोषी कहा था।

इस पत्र में कुलपति पर सरकारी धन से हवाई यात्राएं करने, मनमाना धन खर्च करने जैसा गंभीर आरोप लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि विधायक ने अपनी शिकायत के 11 दें बिन्दु में कहा गया है कि कुलपति राजेश कुमार सिंह ने 12 जून 2018 को प्राचायों की मीटिंग में विश्वविद्यालय के खाता संख्या-37702892035 आईएफसी कोड एसबीआईईन0000151 में 10 लाख रुपये बगैर सिंडीकेट के अनुमोदन के स्थानांतरित करने का आदेश देकर बड़ी वित्तीय अनियमितता की कुलपति ने बिहार विश्वविद्यालययों के तत्कालीन कुलाधिपति के आदेश के विरुद्ध डिग्री पार्ट-1 16-17 और 17-18 की परीक्षा का विज्ञापन देकर पूर्णिया वि वि को लाखों रुपये की चपत लगाई। परीक्षा प्रपत्रों की छपाई में भी व्यापक गड़बड़ी की शिकायत की गयी।

12 बिन्दुओं के इस शिकायती पत्र में कुलपति की मनमानी, राज्य सरकार व कुलाधिपति के आदेशों को हवा विश्वविद्यालय गोरखपुर का कुलपति कैसे बनाया गया और उनके भ्रष्टाचार की व्यापक शिकायतों के बाद भी उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आखिर उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रांत मंत्री सौरभ कुमार गौंड ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं पर आँख मूदकर बैठा हुआ है, आज गोरखपुर विश्वविद्यालय में निरंतर महिलाओं के साथ असामाजिक कृत्य जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की गयी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+