MP: पन्ना की धरती अब राह चलते उगल रही हीरे, चमका रही गरीबों की किस्मत
सागर, 20 अगस्त। कहते हैं जब किस्मत और कुदरत मेहरबान होती है तो घर बैठे इंसानों की किस्मत पलट जाती है। पन्ना में बीते कुछ समय से ऐसे ही हो रहा है। यहां की धरती हीरों के लिए विश्व विख्यात है। जब-तब गरीब मजदूरों को उथली खदानों में हीरे मिलते रहते हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों से यहां की धरती राह चलते मुफलिसों की तकदीर बदल रही है। उन्हें कभी जंगल में तो कभी राह चलते हीरे मिल रहे हैं! वह भी कीमती और उच्च क्वालिटी के हीरे।

धरती जबतब लोगों को राह चलते हीरे देकर किस्मत बदल रही है
एक कहवात है कि ऊपर वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ के... पन्ना में यह कहवात एकदम सटीक चरितार्थ हो रही है। यहां की धरती जब तब लोगों को राह चलते हीरे देकर किस्मत बदल रही है। जिन लोगों ने कभी लाख, पचास हजार एक साथ नहीं देखे, हीरे उनके लिए दुर्लभ रत्न होता है। ऐसे में यदि वे चमकीला पत्थर या कांच समझकर सड़क से जिस पत्थर को उठाकर घर ले आएं और वह हीरा निकल आए तो उनकी खुशी का अंदाजा लगाइए।

माता के मंदिर से लौट रहे थे, जमीन पर पड़ा था हीरा, चमकीला पत्थर समझकर उठा लाए
पन्ना के वार्ड क्रमांक 17 रानीगंज मोहल्ले के रहने वाले नंदीलाल रजक पिता गेंदा रजक उम्र 42 साल पल्लेदारी का काम करते हैं। वे बीते दिनों सुबह-सुबह मंदिर गए थे। लौटते वक्त रास्ते में तलैया के पास उनकी नजर जमीन पर चमकीले पत्थर पर पड़ी तो उन्होंने उसे उठाकर जेब में रख लिया। उस समय तक नंदीलाल को गुमान तक नहीं था कि यह पत्थर ही है या हीरा। वे उसे लेकर घर पहुंचे और वह चमकीला पत्थर अपने 20 साल के बेटे को दिखाया था।

नंदीलाल हीरा खदान में काम कर चुका है
नंदीलाल युवास्था में हीरे की खदानों में मजदूरी कर चुका है, इसलिए उसे रह-रह कर संदेह हो रहा था कि जो पत्थर वह उठाकर लाया है कहीं वह हीरा तो नहीं है। दो दिन बाद उसने वह पत्थर उठाया और पड़ोसी बाल किशोर के साथ कलेक्टोरेट स्थित हीरा कार्यालय पहुंच गया। यहां पर जब उस पत्थर की पारखी ने जांच कि तो वह हीरा निकला। जानकारी लगने पर नंदीलाल की खुशी का ठिकाना नहीं था। हीरा कार्यालय ने उस हीरे को जमा कर रसीद दी है। रसीद पर हीरे का वजन 2.83 कैरेट लिखा हुआ है।

बीते महीने लकड़ी बीनने वाली महिला को जंगल में मिला था हीरा
पन्ना की धरती से राह चलते मालामाल होने वाले नंदीलाल अकेला नहीं है, जिसकी इस धरती ने किस्मत बदल दी है। इसके पहले 29 जुलाई के पन्ना जिले के पुरुषोत्तमपुर की रहने वाली गेंदाबाई को भी इसी तरह पन्ना की धरती ने निहाल और मालामाल किया था। गेंदाबाई पास के जंगल में लकड़ी बीनने गई थीं, इसी दौरान उन्हें जमीन पर चमकता हुआ कुछ दिखा था, उसे वे कांच का टुकड़ा समझकर उठा लाई थीं। बाद में उनके पति ने हीरा कार्यालय पहुंचकर जांच कराई तो वह 15 लाख रुपए से अधिक का कीमती हीरा निकला था।












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