MP News: SP सांसद के खिलाफ करणी सेना का ऐलान- मुंह काला करने और जूते मारने वाले को 5 लाख का इनाम
MP Politics News: उत्तर प्रदेश, एमपी सहित पूरे देश में एक बार फिर सियासी तापमान चढ़ गया है। इस बार विवाद की जड़ है समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन का महाराणा सांगा को लेकर दिया गया विवादित बयान। सुमन ने महाराणा सांगा को "गद्दार" करार देते हुए कहा कि उन्होंने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत लाने में मदद की थी। इस बयान ने राजपूत समाज को आगबबूला कर दिया है।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने इस बयान पर कड़ा आक्रोश जताते हुए सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह चौहान ने एक वीडियो जारी कर सांसद का मुंह काला करने और जूते मारने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस ऐलान के बाद सियासी और सामाजिक तनाव बढ़ गया है, और प्रशासन सतर्क हो गया है।

सांसद का बयान: "महाराणा सांगा गद्दार थे"
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को एक जनसभा के दौरान महाराणा सांगा को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "इब्राहिम लोदी को हराने के लिए महाराणा सांगा बाबर को भारत लेकर आए थे। इसलिए वे गद्दार थे।" सुमन का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और राजपूत समाज में गहरा आक्रोश फैल गया। महाराणा सांगा, जिन्हें मेवाड़ के शासक और राजपूत वीरता का प्रतीक माना जाता है, उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया।
करणी सेना का गुस्सा: "मुंह काला करो, 5 लाख पाओ"
सांसद के बयान के बाद श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना तुरंत हरकत में आ गई। सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह चौहान ने रविवार को एक वीडियो जारी कर सांसद को आड़े हाथों लिया। वीडियो में उन्होंने कहा, "महाराणा सांगा को गद्दार कहने वाले इस सांसद का मुंह काला करें, जूते मारें और श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम पाएँ।" शिवप्रताप ने सांसद की टिप्पणी को "अभद्र" करार देते हुए कहा, "महाराणा सांगा हमारे पूज्यनीय और आदर्श हैं। उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं अपने सभी राजपूत भाइयों, खासकर उत्तर प्रदेश के राजपूत भाइयों से अपील करता हूँ कि ऐसे लोकसभा सदस्य का विरोध करें।"
शिवप्रताप ने अपने बयान में यह भी कहा, "मैं ऐसे समाज के गद्दारों को बताना चाहता हूँ कि यह नया भारत है, और यहाँ गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे लोगों को देश से बाहर फेंक देना चाहिए।" करणी सेना के इस ऐलान ने न सिर्फ सियासी हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है।
सियासी विवाद गहराया
सांसद रामजीलाल सुमन का यह बयान सियासी विवाद का कारण बन गया है। सपा के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बयान राजपूत समाज का अपमान है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, "महाराणा सांगा भारत के गौरव हैं। उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी सपा की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है। सपा को इसके लिए माफी माँगनी चाहिए।" वहीं, सपा ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व इस मामले को ठंडा करने की कोशिश में है, लेकिन करणी सेना के ऐलान के बाद यह मुद्दा और भड़क गया है।
करणी सेना का इतिहास: पहले भी रहे हैं विवादों में
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना पहले भी अपने आक्रामक रुख के लिए चर्चा में रही है। 2018 में फिल्म "पद्मावत" के रिलीज के दौरान करणी सेना ने देशभर में हिंसक प्रदर्शन किए थे, जिसमें सिनेमाघरों को नुकसान पहुँचाया गया था। संगठन का दावा है कि वह राजपूत समाज के सम्मान और हितों की रक्षा के लिए काम करता है, लेकिन उनके तरीकों पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। इस बार सांसद के खिलाफ इनाम की घोषणा ने एक बार फिर करणी सेना को सुर्खियों में ला दिया है।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा बढ़ाई गई
करणी सेना के इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। सांसद रामजीलाल सुमन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और उनके आवास के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। लखनऊ और मेरठ जैसे शहरों में, जहाँ करणी सेना का प्रभाव ज्यादा है, वहाँ भी पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" प्रशासन ने करणी सेना के नेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें।
सोशल मीडिया पर बहस
यह मामला सोशल मीडिया पर भी गरमाया हुआ है। कुछ लोग सांसद के बयान की निंदा कर रहे हैं, तो कुछ करणी सेना के इनाम के ऐलान को गलत ठहरा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "महाराणा सांगा को गद्दार कहना शर्मनाक है। सपा सांसद को माफी माँगनी चाहिए।" वहीं, एक अन्य ने लिखा, "करणी सेना का यह रवैया ठीक नहीं है। हिंसा भड़काने की बजाय कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।" इस बहस ने मामले को और तूल दे दिया है।
ऐतिहासिक संदर्भ: महाराणा सांगा और बाबर
महाराणा सांगा, जिन्हें राणा संग्राम सिंह के नाम से भी जाना जाता है, मेवाड़ के शासक थे और 16वीं सदी में राजपूत वीरता के प्रतीक माने जाते थे। उन्होंने कई युद्ध लड़े और अपनी बहादुरी के लिए इतिहास में अमर हैं। सांसद रामजीलाल सुमन ने अपने बयान में दावा किया कि सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत बुलाया था। लेकिन इतिहासकार इस दावे को सिरे से खारिज करते हैं। इतिहासकार डॉ. रमेश चंद्र शर्मा कहते हैं, "यह पूरी तरह गलत है। राणा सांगा ने बाबर को भारत नहीं बुलाया था। बाबर अपनी महत्वाकांक्षा के चलते भारत आया था। सांगा ने तो बाद में बाबर के खिलाफ खानवा का युद्ध (1527) लड़ा, जिसमें वे घायल हो गए थे। सांगा को गद्दार कहना ऐतिहासिक तथ्यों से परे है।"












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