मध्य प्रदेश: चार साल बाद पुनर्मतगणना में जीता भाजपा प्रत्याशी

मामला मध्य प्रदेश के सिंगरौली का है जहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी चार साल बाद हुई पुनर्मतगणना में जीत गया।

भोपाल। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढन गांव में अनोखा मामला सामने आया है जहां चुनाव होने के 4 साल बाद जब न्यायालय के आदेश के बाद दोबार मतगणना हुई तो चुनाव हारने वाला शख्स फिर से जीत गया।

मिली जानकारी के मुताबिक बैढन जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत खटखरी के वर्ष 2013 में चुनाव संपन्न कराया गया था। इसके बाद हारन वाले प्रद्युमन साकेत अदालत में पुनर्मतगणना के लिए चले गए।

Singrauli of Madhya Pradesh, where BJP-backed candidate won in the recounting of four years later.

वहां से 4 साल बाद जब पुनर्मतगणना के आदेश दिए गए तो साकेत मौजूदा सरपंच राम करण से 20 मतों से जीत गए। इतना ही नहीं तुरंत साकेत को खटखरी गांव का सरपंच बना दिया गया।

सिंगरौली के तहसीलदार भागीरथ बाख्ला ने जानकारी दी कि बुधवार को की गई पुनर्मतगणना में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राम करण को 801 वोट मिले और भाजपा समर्थित प्रत्याशी साकेत को 830 वोट मिले।

हार गए थे चुनाव

बता दें कि ग्राम पंचायत खटखरी के वर्ष 2013 के सरपंच चुनाव में प्रद्युमन साकेत अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राम करण से चुनाव हार गए थे। साल 2013 में हुई मतगणना में राम करण को 59 मतों से विजयी घोषित किया गया था। उस समय राम करण को 857 वोट मिले थे तो वहीं साकेत को सिर्फ 798 वोट ही मिले।

इसके बाद साकेत ने वर्ष 2013 में अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) राम सुमिरन प्रधान की अदालत में पुनर्मतगणना की याचिका दायर की थी, जिस पर उन्होंने इस साल 22 फरवरी को पुनर्मतगणना के आदेश दिये थे लेकिन उस पर एसडीएम के आदेश के चलते स्टे लगा हुआ था।

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