MP News: भाजपा जिला उपाध्यक्ष का नौकर कैसे बना लाखों का मालिक, जानकर चौंक जाएंगे, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
MP News: नीमच में भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल नागौरी के घर चोरी की एक दिलचस्प और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पुलिस ने इस चोरी के आरोपी के रूप में भाजपा नेता के अपने रसोइये को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी के पैसे से खुद को ट्रक और कार का मालिक बना लिया था।
यह मामला तब सामने आया जब भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने 28 दिसंबर को नीमच कैंट थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

रसोइये ने किया था चोरी, खुलासा हुआ जब पत्नी ने बैंक लॉकर की तैयारी की
नीमच के विकास नगर में रहने वाले भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल नागौरी ने पुलिस को बताया कि उनके घर से लाखों रुपए की नकदी, सोने और हीरे से जड़े जेवर चोरी हो गए थे। यह चोरी तब उजागर हुई जब उनकी पत्नी सोने और हीरे से जड़ी रकम को बैंक के लॉकर में रखने के लिए आलमारियों को खोलकर देखा। बैंक में जमा करने के लिए तैयार किए गए गहनों की जांच करने पर पाया गया कि उनके घर से रकम और कैश गायब थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
रसोइये का दो साल पुराना कनेक्शन
जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रसोइया दिलीप सिंह शेखावत था, जो पिछले दो साल से भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनिल नागौरी के घर में काम कर रहा था। दिलीप ने अपनी नौकरी के दौरान जब भी कोई मौका पाया, चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने घर से नकद राशि, सोने और हीरे जड़े जेवर चोरी किए थे, जिन्हें उसने चोरी के पैसे से अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया।
18 लाख रुपए नकद, सोने और हीरे के जेवर, कार और ट्रक जब्त
बुधवार को पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी से 18 लाख रुपए नकद, 330 ग्राम सोना, 76 नग हीरे, चोरी के पैसे से खरीदी गई एक अल्टो कार, एक ट्रक और एक प्लॉट की रजिस्ट्री बरामद की गई है। आरोपी ने चोरी के पैसे से ये संपत्ति बनाई थी और खुद को एक नई पहचान दी थी। पुलिस ने आरोपी दिलीप सिंह शेखावत को गिरफ्तार कर लिया है, और उसे सख्त सजा दिलाने के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने जब आरोपी से कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपनी चोरी की वारदातों को स्वीकार कर लिया और बताया कि उसने कई बार मौका मिलने पर चोरी की थी। पुलिस ने इस मामले में गहरी जांच की और आरोपी से अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ की है।
चोरी के पीछे का कारण
हालांकि, यह घटना एक चोरी थी, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई यह भी सामने आई कि आरोपी दिलीप सिंह शेखावत का मानना था कि उसके पास पैसे नहीं थे और वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस रास्ते पर चल पड़ा। इस तरह की घटनाएं समाज में भ्रष्टाचार और अपराध की एक और कड़ी बनती हैं, जो इस बात का संकेत देती हैं कि कैसे लोग अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गलत रास्ते का चुनाव करते हैं।
जेवर खरीदने वाला आरोपी फरार
इस मामले में एक और आरोपी का नाम सामने आया है - टोनी उर्फ पुरुषोत्तम सिंह शेखावत। पुलिस के मुताबिक, टोनी ने चोरी किए गए जेवर खरीदने का काम किया था और वह अब फरार है। टोनी राजस्थान के डूंगरगढ़ का रहने वाला है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि वह भी कानून के दायरे में आ सके।
चोरी के बाद काम पर नहीं आया था दिलीप
पुलिस के मुताबिक, दिलीप ने चोरी के बाद सात दिन तक काम पर नहीं आने का बहाना बनाया था। यह समय उसने चोरी की रकम और जेवरात को सुरक्षित रखने के लिए लिया। आरोपी ने पुलिस से कहा कि वह जब भी भाजपा नेता के घर जाता, वह कुछ ना कुछ चुराकर ले जाता था। दिलीप ने यह भी बताया कि अगर घर से जेवर गायब नहीं होते, तो शायद परिवार को उस पर शक भी नहीं होता।
पुलिस वेरिफिकेशन की लापरवाही
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि भाजपा नेता ने दिलीप सिंह शेखावत को नौकरी पर रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। भाजपा नेता का कहना है कि उन्होंने दिलीप को एक एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा था, और पुलिस वेरिफिकेशन का ध्यान नहीं रखा। पुलिस के अनुसार, दिलीप ने पहले भी कहीं और काम किया था, जहां भी उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज था।












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