MP: सागर की इस पंचायत ने चुना ‘स्वर्गवासी सरपंच’, जानिए वोटरों ने ऐसा क्यों किया
सागर, 03 जुलाई। मप्र के सागर जिले की कजेरा पंचायत में एक मृत व्यक्ति को गांव वालों द्वारा अपना सरपंच बनाने का मामला सामने आया है। मतदाताओं को सरपंच प्रत्याशी से ऐसी सहानुभूमति उमडी कि मौत के बाद भी उन्होंने उसे ही सरपंच चुन लिया। मृतक प्रत्याशी की 255 वोट से जीत तय हो गई है। पंचायत के मतदाताओं को प्रत्याशी की मौत की जानकारी थी, बावजूद इसके पेटियों में मृतक के लिए ही वोट डाले गए थे।

सागर जिले के देवरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कजेरा में यह अनूठा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कंजेरा से सरपंच प्रत्याशी रहे रविंद्र सिंह ठाकुर चुनाव लड़ रहे थे, उनके सामने दो अन्य प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में थे, लेकिन हृदयगति रुक जाने के कारण 22 जून को उनकी असमय मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद उनका परिवार सहित पूरा गांव शोक की लहर में डूब गया। एक जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होने पर पूरे गांव के लोगों ने मृत प्रत्याशी रविंद्र सिंह के पक्ष में मतदान कर दिया और करीब 250 से अधिक मतों के अंतर से रविंद्र सिंह सरपंच बन गए, जबकि उनका देहांत 22 जून को हो चुका था। हालांकि अभी परिणामों की अधिकृत घोषणा नही हुई है। पंचायत के मतदान केंद्र पर ही मतगणना के बाद ग्रामीणों और प्रत्याशियों को अप्रत्यक्ष रुप से बताया गया कि रविन्द्र सिंह को 1043 वोट में से 512, चंद्रभान अहिरवार को 257 और विनोद सिंह को 153 वोट मिले। दो वोट नोटा को गए। इस ग्राम पंचायत में कुल 1296 मतदाता है।
दिवंगत रवींद्र सिंह का पूरा परिवार राजनीति से जुडा है
सरपंच प्रत्याशी रवींद्र सिंह गौर का परिवार काफी प्रभावशाली है। मृतक प्रत्याशी रविन्द्र सिंह इसी पंचायत से सरपंच रह चुके हैं एवं उनकी भाभी सिमलेश सुरेंद्र सिंह जनपद अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके बड़े भाई सुरेंद्र सिंह जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और उनका क्षेत्र में काफी प्रभाव है और इसी वजह से पूरे पंचायत क्षेत्र के लोगों ने सहानुभूति बतौर मृत होने के बावजूद भी अपना सरपंच चुन लिया है।
रिजल्ट की अभी अधिकृत घोषणा होना बाकी है
देवरी में पंचायत चुनाव में निर्वाचन अधिकारी तहसीलदार संजय दुबे ने बताया कि अभी परिणामों की घोषणा नहीं हुई है, अधिकृत रुप से 14 जुलाई को होगी एवं ग्राम पंचायत कंजेरा में आगे की कार्यवाही निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार की जाएगी। उनके निधन की सूचना भी परिजनों से नही मिली। चुनाव आयोग से मार्गदर्शन मांगा है।












Click it and Unblock the Notifications