Sagar: चांदी तस्करी मामले में साइबर सेल की भूमिका भी संदिग्ध, गृहमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
सागर, 15 सितंबर। मप्र के सागर जिले में तीन दिन से गर्माये चांदी कारोबारियों पर पुलिस की अवैध कार्रवाई का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा। मामले में दो टीआई, 5 आरक्षकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामले में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए एसपी को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दूसरी तरफ मामले में एक और नया पहलू जुड़ा है, जिसमें पुलिस की साइबर सेल में पदस्थ कुछ आरक्षकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने ही बिना किसी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के व्यापारियों के फोन सर्विलांस पर लेकर मुखबिरी की थी। एसपी इस मामले में गंभीर हैं।

सराफा व्यापारियों पर तीन दिन पहले मालथौन बेरियर पर पहुंचकर सागर के दो थानेदारों व कथित रुप से एसपी स्क्वाड के 5 आरक्षकों को लेकर चल रही जांच के दौरान पुलिस की साइबर सेल पर ही सवाल और अंगुलियां उठने लगीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक, सराफा कारोबारियों के फोन, उनके माल लाने, ले जाने सहित शहर में शराब, गांजा से जुड़े लोगों के मोबाइल की लोकेशन व अन्य व्यक्तिगत जानकारी को एसपी स्क्वाड व अन्य लोगों को देता था। वह यह काम अधिकारियों की जानकारी के बगैर अपने स्तर पर ही जानकारी जुटाकर सूचनाएं देते थे। कुल मिलाकर पुलिस विभाग के अंदर सराफा कारोबारियों सहित शहर में चल रहे अवैध कारोबारियों से मोटी कमाई, नोटों की चमक के चलते, वसूली के उद्देश्य से यह काम पूरी टीम करती थी।
साइबर सेल पर संदेह, उसी को सौंपी जांच
मामले में नया पहलू आया है। इसमें साइबर सेल में पदस्थ आरक्षकों की भूमिका पर संदेह की अंगुलियां उठ रही हैं। जबकि एसपी ने चांदी कारोबारियों पर कार्रवाई के मामले में साइबर सेल को काम सौंपा है कि वे दोनों थाना प्रभारी व कथित रुप से उस समय चल रही एसपी स्क्वाड के आरक्षकों के मोबाइल की नंबरों की लोकेशन और मालथौन टोल प्लाजा पर कार्रवाई के समय उनके मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, को लेकर जांच सौंपी है। जानकारों का मानना है कि जो खुद शक के दायरे में हैं, आरोपों से घिरे हैं उन्हीं को जांच सौंपना गलत हैं। जिस सिपाही पर आरोप लग रहे हैं, उसकी करीब दर्जन भर शिकायतें पहले से ही विचाराधीन हैं।
गृहमंत्री ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया है
चांदी कारोबारियों पर अवैध रुप से की गई कार्रवाई का मामला इतना गर्माया कि सीधे मीडिया से होते हुए प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा तक पहुंच गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक तरुण नायक को इस मामले में निष्पक्षता से जांच कराकर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री ने राजधानी में मीडिया को बताया कि मामले में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












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