SAGAR: धान खरीदी घोटाले का खुलासा, 4 केंद्र ब्लैक लिस्ट, जिला प्रशासन ने कराई एफआईआर
धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला चल रहा था। शिकायत के बाद प्रशासन एक्शन में आया तो केसली, देवरी और रहली धान उपार्जन खरीदी केंद्रों में धान की जगह आधा भूसा पाया गया। चार केंद्रों को ब्लैक लिस्ट किया गया है।

Madhya Pradesh सहित सागर जिले में धान और अनाज खरीदी केंद्रों पर जमकर धांधली चल रही हैं। किसानों के साथ तो ठीक ये खरीदी केंद्र संचालक, स्व सहायता समूह, सर्वेयर और पूरे केंद्र का स्टाफ मिलकर सरकार से धोखाधड़ी कर रहा है। सागर के केसली में तो धान की 40 किलो की बोरी एक हाथ से उठा ली गई, कारण इसमें भूसा भरकर गोदाम भेजा जा रहा था। मामले में जिला प्रशासन ने खाद् विभाग के माध्यम से जांच कराई तो महाघोटाला सामने आ गया। केसली में 19 हजार क्विंटल धान के नाम पर भूसा खरीदा जा रहा था, देवरी और रहली में भी धान खरीदी केंद्रों पर इसी तरह गड़बड़ियां सामने आई हैं।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार केसली में धान खरीदी केंद्र दिगंबर स्वसहायता समूह के अधीन संचालित केंद्र को ब्लैक लिस्ट कर 38 हजार बोरी से अधिक आधा भूसा मिला धान खरीदा गया था। इसके साथ ही देवरी और रहली में भी धान उपार्जन केंद्र पर जांच कराई गई थी, इसमें भी अमानक धान खरीदी और शासन के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया था। जिला प्रशासन ने ऐसे 4 समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र ब्लैक लिस्ट कर माल जब्त कराया था। सोमवार को केसली थाना पुलिस ने दिगम्बर स्व सहायता समूह बम्हौरी केसली की संचालक मीना पति नरेन्द्र जैन, खरीदी केन्द्र प्रभारी और कम्प्यूटर आपरेटर विवेक जैन के साथ समिति स्तर पर नियुक्त सर्वेयर प्रशांत सेन के विरूद्ध मामला दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों द्वारा अवैधानिक रूप से लाभ कमाने, शासन के साथ धोखाधड़ी की मंशा से अमानक स्तर की धान बोरियों में भरी पाई गई हैं। आरोपियों पर धारा 420, 406, 409, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

वायरल वीडियो के बाद मामला आया था सामने
केसली के दिगम्बर स्व सहायता समूह बम्हौरी धान उपार्जन केंद्र पर धान की खरीदी में गड़बड़ियां किए जाने को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा था। इस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम, तहसीलदार व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की टीम से जांच कराई थी। मौके पर जब टीम पहुंची तो संचालक मीना जैन, पति नरेंद्र जैन से लेकर तमाम कर्ताधर्ता भाग गए थे। केवल कुछ मजदूर ही मिले थे। मौके से 38 हजार बोरी अमानक धान जब्त किया गया था। यही पर एक 40 किलो धान से भरी बोरी को अधिकारी ने जब हाथ से उठाया तो वह एक हाथ से उठ गई। इसमें भूसा ही भूसा भरा था।
सीहोरा में दो साल पहले इसी तरह का मामला हुआ था
उल्लेखनीय है कि दो साल पहले गेहूं के समर्थन मूल्य खरीद के दौरान सीहोरा के केंद्र पर बड़ी संख्या में उप्र से लाया गया गेहूं प्रशासन ने बरामद किया था। उस दौरान भी संबंधित केंद्र संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए बरामद गेहूं के स्थल वेयर हाऊस को भी सील किया गया था, लेकिन मामले में अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।












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