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कभी खाई है सतना की खुरचन? शुद्ध दूध की मलाई से बनती है ये मिठाई, 100 साल पुराना है जायका

Satna Famous Sweet: शुद्ध दूध को पका कर उसकी परत से तैयार किए जाने वाली सतना की फेमस मखमली मिठाई का स्वाद लाजवाब है। इस मिठाई को खुरचन के नाम से जाना जाता है।

Sweet Dish: मिठाइयां तो आपने बहुत प्रकार की खाई होंगी लेकिन अगर आप ने सतना के रामपुर बघेलान का खुरचन नहीं खाया तो विंध्य की यात्रा और जायका दोनो ही अधूरी मानी जायेंगी। वन इंडिया हिंदी की टीम रामपुर बघेलान पहुंचकर खुरचन मिठाई के बारे में लोगों से बातचीत की है।

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    कभी खाई है सतना की खुरचन? शुद्ध दूध की मलाई से बनती है ये मिठाई, 100 साल पुराना है जायका

    दरअसल, खुरचन अपने अनोखे नाम की तरह स्वाद और बनावट में भी यह उतना ही अनोखा है। यहां सड़कों के किनारे नेशनल हाईवे पर बैठे दुकानदारों के पास खुरचन की भरमार है। खुरचन अब सतना तक ही सीमित नहीं बल्कि अब इसका स्वाद राजधानी और अमेरिका तक पहुंच चुका है।

    Khurchan sweet of Rampur Baghelan

    खुरचन की प्रसिद्धि ऐसी कि टापरी और ठेले पर भी इसे बनाकर बेचा जाता है। खौलते दूध से मलाई की परत को खरोंच-खरोंच कर तैयार होने वाली इस खुरचन मिठाई के दीवाने देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं।

    रामपुर बघेलान क्षेत्र के तापा निवासी शुक्ल का परिवार लगभग 100 वर्षों से खुरचन तैयार कर रहा है। ठेला में अब तक कोई बड़ा बोर्ड नहीं बनाया है। लेकिन दूर-दूर से आने वाले भी सीधे यहां पहुंच जाते हैं। वन इंडिया हिंदी को चंद्रमणि शुक्ला बताते हैं कि बाबाजी ने खुरचन बनाना शुरू किया था। पिता स्वर्गीय बृज बिहारी ने भी इस कला को जीवंत रखा है। स्वाद व गुणवत्ता की वजह से खुरचन के कद्रदान हर दिन बढ़ते गए। विंध्य क्षेत्र के लोग विदेशों में रहने वाले परिजनों को सौगात के रूप में खुरचन भेजते हैं।

    चंद्रमणि शुक्ला वन इंडिया हिंदी को आगे बताते हैं कि खुरचन बनाना एक जटिल कला है। एक किलो दूध को पांच लोहे की कड़ाही में डाल कर कम आंच के चूल्हे पर चढ़ा कर खौलाया जाता है। दूध के ठंडा होने पर जमी परत को सींक से उतार कर थाली में रखा जाता है। इसके बाद दूध की पतली परतों के बीच कुछ खास ड्राई फूड्स डाली जाती हैं।

    यूं फैली मिठास
    रामपुर बाघेलान में 100 सालों से बन रहे इस पकवान की मिठास सड़क किनारे मंडी होने के यहां से गुजरने वाला हर 7वां-8वां राहगीर इसे खरीदता था। एक किलो खुरचन बनाने में 4 लीटर शुद्ध दूध लगता है। 60 रुपए लीटर के मान से 240 रुपए का दूध लगता है। शक्कर और लकड़ी का खर्च करीब 60 रुपए आता है। इस तरह 300 रुपए लागत आती है। इन दिनों कारोबारी 370 रुपए किलो बेच रहे हैं। महज 80 रुपए प्रति किलो लाभ मिलता है।

    Khurchan sweet of Rampur Baghelan

    हाईवे के किनारे सजती है मंडी सतना जिले के रामपुर बाघेलान नगर और इससे जुड़े आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में खुरचन बनता है। दूध और पीसी चीनी को मिलाकर बनने वाली सतना की यह मिठाई पूरे प्रदेश से लेकर विदेश में है। मंडी हाईवे किनारे सजती है जिस कारण इसकी पहचान देश के दूसरे राज्यों में भी है। लगभग 100 वर्षों से इस क्षेत्र में खुरचन का व्यापार हो रहा है।

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