Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Rajgarh MP News: कोबरा की फुफकार से कांपा ईवीएम दफ्तर, जानिए कैसे हुआ 20 मिनट में रेस्क्यू

मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर में गुरुवार, 24 जुलाई 2025 की तड़के एक खतरनाक कोबरा सांप ने कलेक्टर कार्यालय के पीछे स्थित ईवीएम मशीन ऑफिस में हड़कंप मचा दिया। सांप के फुफकारने की आवाज सुनकर सुरक्षा गार्ड डर गया, लेकिन प्रधान आरक्षक दिनेश गुर्जर की सूझबूझ और बहादुरी ने 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद इस जहरीले सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।

इसके बाद सांप को जंगल में छोड़ दिया गया। गुर्जर की इस निस्वार्थ सेवा और साहस की पूरे इलाके में सराहना हो रही है। यह घटना न केवल उनकी वीरता को दर्शाती है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में उनके योगदान को भी उजागर करती है।

Rajgarh Cobra entered EVM office Dinesh Gurjar rescued it in 20 minutes

क्या हुआ था?

घटना गुरुवार तड़के करीब 3 बजे की है, जब ईवीएम मशीन ऑफिस में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को सांप के फुफकारने की आवाज सुनाई दी। गार्ड ने गेट के पास देखा तो एक जहरीला कोबरा सांप कुंडली मारे बैठा था। डर के मारे गार्ड ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम ने इसकी जानकारी सुबह करीब 7:30 बजे महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक दिनेश गुर्जर को दी।

दिनेश गुर्जर अपने साथी आरक्षकों मनोज मालवीय और विनय दीक्षित के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने पाया कि कोबरा गेट के एल्यूमिनियम पाइप में घुस चुका था, जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। सांप की फुफकार और उसकी स्थिति ने ऑफिस में मौजूद लोगों में दहशत फैला दी थी।

20 मिनट की कड़ी मशक्कत: रेस्क्यू ऑपरेशन

58 वर्षीय दिनेश गुर्जर, जो न केवल एक पुलिसकर्मी हैं, बल्कि एक अनुभवी स्नेक रेस्क्यूअर भी हैं, ने स्थिति को संभाला। उन्होंने अपने 44 साल के अनुभव का उपयोग करते हुए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कोबरा के पाइप में घुसे होने के कारण उसे निकालना आसान नहीं था। गुर्जर ने स्नेक स्टिक और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर सांप को धीरे-धीरे बाहर निकाला।

लगभग 20 मिनट की मेहनत के बाद, गुर्जर ने कोबरा को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सांप को एक बोरे में रखा गया और बाद में उसे राजगढ़ के नजदीकी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान गुर्जर ने यह सुनिश्चित किया कि न तो सांप को कोई नुकसान पहुंचे और न ही आसपास मौजूद लोगों को कोई खतरा हो।

दिनेश गुर्जर स्नेक रेस्क्यूअर

दिनेश गुर्जर की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। 58 साल की उम्र में भी वे बिना किसी डर के जहरीले सांपों को पकड़ने का काम करते हैं। उन्होंने महज 14 साल की उम्र में सांपों को पकड़ना शुरू किया था और पिछले 44 सालों से यह सेवा निःशुल्क दे रहे हैं। अब तक वे सैकड़ों सांपों और अन्य जहरीले जीवों को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ चुके हैं।

गुर्जर बताते हैं, "मुझे बचपन से ही प्रकृति और जीव-जंतुओं से प्यार रहा है। सांपों को लोग डर की वजह से मार देते हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि वे सुरक्षित रहें और लोग भी सुरक्षित रहें।" उनकी इस सेवा भावना ने उन्हें राजगढ़ में एक हीरो बना दिया है।

स्थानीय लोगों और पुलिस की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद राजगढ़ के स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग में दिनेश गुर्जर की जमकर तारीफ हो रही है। कलेक्टर कार्यालय के एक कर्मचारी ने कहा, "सांप को देखकर हम सब डर गए थे। लेकिन दिनेश जी ने जिस तरह से बिना घबराए रेस्क्यू किया, वह काबिल-ए-तारीफ है।"

महिला थाना प्रभारी ने भी गुर्जर की प्रशंसा करते हुए कहा, "दिनेश जी न केवल एक कुशल पुलिसकर्मी हैं, बल्कि उनकी स्नेक रेस्क्यू की कला समाज के लिए एक मिसाल है। वे हमेशा तत्परता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना करते हैं।"

मानव-वन्यजीव संघर्ष: एक बड़ी चुनौती

यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को भी उजागर करती है। भारत में हर साल सांपों के काटने से हजारों लोगों की मौत हो जाती है, और डर के कारण लोग अक्सर सांपों को मार देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 46,000 लोग सांप के काटने से मरते हैं, जो वैश्विक सांप काटने की मौतों का लगभग आधा है।

दिनेश गुर्जर जैसे स्नेक रेस्क्यूअर इस संघर्ष को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ते हैं, बल्कि लोगों को सांपों के प्रति जागरूक भी करते हैं। गुर्जर कहते हैं, "अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते, और अगर हम उनके साथ सावधानी बरतें, तो नुकसान की संभावना कम होती है।"

स्नेक रेस्क्यू: जोखिम भरा काम

स्नेक रेस्क्यू एक जोखिम भरा काम है, जिसमें अनुभव और साहस की जरूरत होती है। हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक स्नेक रेस्क्यूअर, दीपक महावर, की कोबरा के काटने से मौत हो गई थी, जब वे सांप को गले में लपेटकर रील बना रहे थे। इस तरह की घटनाएं स्नेक रेस्क्यू के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

दिनेश गुर्जर इस बारे में कहते हैं, "सांपों को पकड़ते समय हमें हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। यह काम दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जीव और इंसान दोनों की सुरक्षा के लिए किया जाता है।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+