MP News: राहुल गांधी की आदत है देश की अखंडता पर सवाल उठाना, केंद्रीय मंत्री सिंधिया का तीखा हमला
MP News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी की यह पुरानी आदत बन गई है कि वे देश की अखंडता, एकता और मान-सम्मान पर बार-बार सवाल उठाते हैं।
सिंधिया ने कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर राष्ट्र की प्रतिष्ठा को वैश्विक मंचों पर मज़बूत कर रहा है, तब कुछ तत्व और नेता भारत की प्रभुता पर संदेह उत्पन्न करते हैं, जिससे देश की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचता है।

क्या है सिंधिया के बयान के मायने
ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह बयान राहुल गांधी के हाल के कुछ बयानों के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP), और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा था। विशेष रूप से, राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के महू में 27 जनवरी 2025 को एक रैली में राजघरानों और संविधान को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर सिंधिया ने कड़ा ऐतराज जताया। इसके अलावा, राहुल गांधी के ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति पर सवाल उठाने को लेकर भी बीजेपी नेताओं ने उन्हें घेरा है।
सिंधिया ने अपने बयान में कहा, "राहुल गांधी की आदत बन गई है कि वे देश की एकता-अखंडता और मान-सम्मान पर प्रश्न उठाते हैं। जब पूरा देश एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है, तब उनकी ऐसी टिप्पणियां न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा पर हमला हैं।" उन्होंने राहुल गांधी को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि राजघरानों ने भारत में समानता और समावेशी विकास की नींव रखी थी, जिसे वे नजरअंदाज कर रहे हैं।
राहुल गांधी के बयानों पर विवाद
राहुल गांधी ने हाल के दिनों में कई ऐसे बयान दिए हैं, जिन्हें बीजेपी नेताओं ने देश की एकता और सम्मान के खिलाफ बताया है। कुछ प्रमुख उदाहरण:
महू रैली (27 जनवरी 2025): राहुल गांधी ने कहा था कि आजादी से पहले दलितों, पिछड़ों, और आदिवासियों को कोई अधिकार नहीं थे, और केवल राजा-महाराजाओं को विशेषाधिकार प्राप्त थे। इस पर सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा कि बड़ौदा के महाराज सयाजीराव गायकवाड़ ने बाबासाहेब अंबेडकर को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी थी, और ग्वालियर के माधव महाराज ने शिक्षा और रोजगार के लिए केंद्र खोले थे।
Rahul Gandhi: ऑपरेशन सिंदूर (22 मई 2025): राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सम्मान से समझौता किया है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को "मुखबिर" कहकर तंज कसा, जिसे बीजेपी ने सेना का मनोबल तोड़ने की कोशिश करार दिया।
संस्थाओं पर कब्जे का आरोप: 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में नए कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी और RSS ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। इस पर सिंधिया ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां उनकी शपथ के साथ विश्वासघात हैं।
सिंधिया का पलटवार
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो कभी राहुल गांधी के करीबी सहयोगी थे और 2020 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए, ने राहुल पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। ग्वालियर के राजघराने से ताल्लुक रखने वाले सिंधिया ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को उनकी "संकीर्ण सोच" का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी संविधान को अपनी 'पॉकेट डायरी' समझते हैं। उनकी टिप्पणियां सत्ता की भूख को दर्शाती हैं, और वे देश के इतिहास और राजपरिवारों के योगदान को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं।"
सिंधिया ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी ने हमेशा दलितों, पिछड़ों, और वंचितों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने छत्रपति साहूजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 1902 में सामाजिक न्याय की नींव रखी थी, जिसे कांग्रेस ने नजरअंदाज किया।
Rahul Gandhi: कांग्रेस का जवाब
राहुल गांधी और कांग्रेस ने भी सिंधिया के हमलों का जवाब दिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने झांसी की रानी का हवाला देते हुए कहा, "नेहरू और पटेल ने राजे-रजवाड़ों पर दबाव बनाकर लोकतंत्र की लगाम जनता के हाथों में सौंपी थी।" उन्होंने सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता का उल्लेख करते हुए सिंधिया पर तंज कसा, जिसमें ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार को अंग्रेजों का मित्र बताया गया है।
कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने 2023 में सिंधिया को "ट्रोल मंत्री" कहकर जवाब दिया था, जब उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने पर टिप्पणी की थी। श्रीनेत ने कहा, "महल और बंगले के लालच में आप ट्रोल बन गए। राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना लोकतंत्र की हत्या है।"
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
सिंधिया और राहुल गांधी के बीच यह तीखी बयानबाजी मध्य प्रदेश की राजनीति में विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र, जहां सिंधिया का प्रभाव है, में यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर भी गूंज रहा है। सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर यूजर्स दो खेमों में बंटे हुए हैं। @ElectionMP2028 ने लिखा, "राहुल गांधी ने बिना नाम लिए सिंधिया पर तंज कसा कि जिसे महल बचाना है, वो बीजेपी में जाए।" वहीं, @news24tvchannel ने सिंधिया के बयान को उद्धृत करते हुए कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियां देश के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि सिंधिया और राहुल गांधी दोनों ही मध्य प्रदेश में अपनी-अपनी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण चेहरा हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और सिंधिया की बीजेपी में सक्रियता इस क्षेत्र में राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ा रही है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया और राहुल गांधी के बीच यह ताजा बयानबाजी एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच पुरानी दोस्ती से दुश्मनी तक के सफर को उजागर करती है। सिंधिया का आरोप कि राहुल गांधी देश की एकता और सम्मान पर सवाल उठाते हैं, न केवल कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक टकराव को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत और राजनीतिक हमले अब दोनों पक्षों की रणनीति का हिस्सा हैं। जहां राहुल गांधी अपनी टिप्पणियों से बीजेपी और RSS को निशाने पर ले रहे हैं, वहीं सिंधिया जैसे बीजेपी नेता इसे देश की एकता और प्रभुता पर हमला करार दे रहे हैं। यह विवाद मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहेगा, खासकर तब जब देश 2029 के लोकसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है।












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