MP News: गोल्ड और कैश मामले में डायरी के पन्ने सामने आने से राजनीति गर्माई: जीतू पटवारी ने उठाए गंभीर सवाल
MP Congress News: भोपाल में इनोवा कार से पकड़े गए 54 किलो गोल्ड और 11 करोड़ रुपये कैश मामले में एक नई मोड़ आया है। इस मामले में एक डायरी के कुछ पन्ने सामने आए हैं, जिन्हें पूर्व परिवहन कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की डायरी बताया जा रहा है।
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अब, इन पन्नों के सार्वजनिक होने के बाद, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों के कार्यों पर नाराजगी जताई और इस मामले में जल्द और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की मांग की है।

पटवारी का आरोप: तीन एजेंसियों की जांच पर उठे सवाल
पटवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मामले की जांच तीन एजेंसियों - लोकायुक्त, आयकर विभाग और ईडी - द्वारा की जा रही है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में न तो किसी की गिरफ्तारी की गई है और न ही किसी से पूछताछ की गई है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि जांच एक ठहराव पर आकर रुक गई है। पटवारी ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि अब यह सवाल उठता है कि इसके पीछे कौन है, और जांच को जल्द से जल्द समाप्त कर सच्चाई सामने लाई जाए।
डायरी में क्या है खास?
पटवारी ने सौरभ शर्मा के घर हुई छापेमारी का जिक्र किया, जिसमें 100 करोड़ रुपये की संपत्ति, 11 करोड़ रुपये कैश, और 55 किलो सोना बरामद किया गया था। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान एक डायरी भी मिली थी, जिसमें महत्वपूर्ण जानकारी थी। पटवारी ने कहा कि इस डायरी के पन्ने पब्लिक डोमेन में होने चाहिए ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके।
पटवारी ने कहा, "डायरी में 5 महीनों का हिसाब दिया गया है, जिसमें 50 करोड़ रुपये का लेन-देन बताया गया है।" इसके अलावा, डायरी में कुछ कोडवर्ड्स जैसे 'टीएम' और 'टीसी' का उल्लेख किया गया है। पटवारी ने सवाल किया कि क्या ये कोडवर्ड्स 'ट्रांसपोर्ट कमिश्नर' और 'ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर' के संदर्भ में हैं।
सौरभ शर्मा का पता लगाना जरूरी
पटवारी ने यह भी कहा कि सौरभ शर्मा को सुरक्षा मिलनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि वह कहां है। उनके मुताबिक, अगर प्रशासन और शासन इस मामले में देरी करेंगे, तो डायरी और सौरभ शर्मा की वास्तविकता पर लगातार सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की।
डायरी के बाकी पन्ने कहां हैं?
पटवारी ने यह भी सवाल उठाया कि डायरी के बाकी के 60 पन्ने कहां हैं, क्योंकि अब तक सिर्फ छह पन्ने ही सार्वजनिक हुए हैं। उनका कहना था कि बाकी के पन्ने भी सामने आने चाहिए ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा, "यह पैसा कहां जा रहा था, यह सवाल मध्य प्रदेश की जनता, विपक्ष और मीडिया सभी जानना चाहते हैं।"
राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव
पटवारी के आरोपों के बाद, यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है। जहां एक ओर कांग्रेस ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता और सरकार मामले की जांच को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए कह रहे हैं कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।
इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और यह सवाल उठता है कि आखिरकार राज्य के उच्च अधिकारियों, परिवहन विभाग के अधिकारियों और अन्य प्रशासनिक तंत्र में किसका हाथ हो सकता है, जो इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।












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