वन विभाग को छका रहा टाइगर का शिकारी, तलाशी में मिले वन्य प्रणियों के अवशेष और सागौन
पन्ना में बाघों का शिकारी काफी प्रोफेशनल है। 4 जनवरी को करंट लगाकर बाघ का शिकारी करने वाला बिहारी आदिवासी टाइगर के साथ अन्य वन्य जीवों का भी शिकार करता रहा है। वन शिकारी के साथ सागौन व वन माफिया भी है।

पन्ना टाइगर रिजर्व में युवा नर बाघ को करंट लगाकर मारने वाला मुख्य शिकारी अब भी फरार है। वन विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम उसके ठिकानों पर लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। दो दिन पहले 26 जनवरी को टीम ने उसके घर पर दबिश दी थी, लेकिन वह छापामार टीम से ज्यादा शातिर निकला और ठिकाने से गायब हो गया। बता दें कि पुलिस इस मामले में पूर्व में 4 सहयोगी शिकारियों को गिरफ्तार किया था।

बाघों का शिकार कर उनकी खाल व शरीर के नाखून, हड्डियां व अन्य अंग बेचने वाले शिकारी की पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम सरगर्मी से तलाश कर रही है। बता दें कि पीटीआर की किशनगढ़ की बसुधा बीट में बीते 4 जनवरी को एक युवा टाइगर मृत मिला था। उसकी मौत यहां शिकार करने के लिए बिछाए गए करंट के तार की चपेट में आने से हुई थी। टाइगर के साथ ही मौके पर ही एक हायना की मौत भी करंट से हुई थी। टीम ने डॉग स्क्वायड की मदद से यहां 11 केवी बिजली लाइन में कटिया डालकर करंट बिछाने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा था। इन्होंने बताया था कि मुख्य आरोपी बिहारी आदिवासी है, जो टाइगर का शिकार करता है।
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पुराना शिकारी है, सागौन माफिया भी निकला
वन विभाग की संयुक्त टीम ने 26 जनवरी को बाघ के शिकार के मुख्य आरोपी बिहारी आदिवासी के घर छापा मारा था। वन विभाग की टीम की उम्मीद से कहीं वह शातिर निकला और टीम के पहुंचने के पहले ही वह घर से निकल गया और टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। हालांकि उसके घर की तलाशी में वन्य प्राणियों के कई अवशेष मिले हैं। इसके अलावा वह सागौन की तस्करी में भी संलिप्त है। उसके घर से बड़ी मात्रा में अवैध रुप से काटी गई सागौन की लकड़ी जब्त की गई हैं।












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