पन्ना की उथली खदान में मिला हीरा, एक रात में बन गया लखपति
देश में हीरों की नगरी कहलाने वाले पन्ना की धरती ने एक बार फिर गरीब की किस्मत चमका दी है। उसे उथली खदान में लाखों का हीरा मिला है।

Panna के पुराने शहर में रहने वाला रुपेश कुशवाहा मजदूरी कर परिवार का पेट पालता रहा है। दोस्तों ने सलाह दी और किस्मत ने साथ दिया तो उसने कल्याणपुर पटी में हीरे की उथली खदान का पट्टा लेकर हीरा तलाशना शुरु किया था। बीते रोज धरती ने गर्भ से उसे नायाब हीरा थमा दिया। रुपेश ने मिट्टी में एक चमकदार पत्थर मिला था, उसे यह पता नहीं था कि हीरा ऐसे ही मिलता है। जब हीरा कार्यालय पहुंचा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 3.1 कैरेट का यह चमकीला पत्थर उज्जवल किस्म का हीरा था, जिसकी अनुमानित कीमत उसे करीब 12 लाख बताई गई है।

मजदूरी कर-करके परेशान हो चुके रानीबाग के रहने वाले गरीब मजदूर रुपेश पर किस्मत एकदम से मेहरबान हो गई। उसने कुछ महीनों पहले ही जिला हीरा और खनिज विभाग से कल्याणपुर पटी में हीरे की उथली खदान के लिए पट्टा स्वीकृत कराया था। रुपेश ने स्थानीय मीडिया को बताया कि खदान में मिट्टी की सफाई के दौरान उसे एक चमकीला पत्थर नजर आया तो उसने साफ करने जेब में रख लिया था, लेकिन यह हीरा ही है, यह पता नहीं था। चमकीले पत्थर को बस दिखाने के लिए हीरा कार्यालय आया था, यहां जौहरी ने देखकर बताया कि यह हीरा है, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हीरे की नीलामी से मिलने वाले रुपए से रोजगार शुरु करेगा
रुपेश कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि उसक परिवार बहुत ही गरीब परिस्थित का है। आर्थित स्थिति काफी नाजुक है। पिता के अलावा वह खुद मजदूरी कर बमुश्किल घर खर्च चला पाते हैं। किस्मत ने जो हीरा उसे दिया है, उसकी नीलामी से जो राशि मिलेगी, उससे रोजगार का स्थाई साधन बनाएगा। रुपेश के मुताबिक खदान लेने के बाद वह अकेले ही खदान की मिट्टी खोदने में जुट गया। मिट्टी को निकालकर साफ करना, छानना, पानी में साफ करना, सुखाना और हीरे की तलाश करने जैसा काम वह खुद अकेले ही कर रहा था। दो दिन पहले उसे चमकीला पत्थर दिखाई दिया था, लेकिन उसे विश्वास नहीं था कि यही हीरा होगा।












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