OPINION: योग्य और अनुभवी अधिकारियों से सुसज्जित है मुख्यमंत्री मोहन यादव की नई टीम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में डॉक्टर मोहन यादव के पदभार ग्रहण करने के बाद से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ संदीप यादव ने अपनी कार्यशैली से एक अलग पहचान बनाई है। नई फेरबदल में मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य प्रशासन में प्रमुख उत्तरदायित्व दिया है।
पहले जनसंपर्क आयुक्त और जनसंपर्क प्रमुख सचिव रहे संदीप यादव को हाल ही में हुए बदलावों में सबसे पावरफुल अधिकारी माने जाने वाले सुलेमान की जगह स्वास्थ्य महकमे की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अपने संक्षिप्त कार्यकाल में लोकसभा चुनाव में मीडिया मैनेजमेंट के आधार पर देश भर में डॉक्टर मोहन यादव की ओर से मिले दायित्वों को सफलता से निभाने के प्रयासों का ही परिणाम है कि संदीप यादव सीएम यादव के सबसे भरोसेमंद अधिकारी बनकर उभरे हैं। एक तरफ देखा जाए तो मुख्यमंत्री सचिवालय में एसीएस डॉ राजेश राजौरा, संजय शुक्ला, राघवेंद्र सिंह जैसे अधिकारियों के बैठने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले समय में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा इनमें से ही किसी एक अधिकारी को दी जाएगी।
लेकिन, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संदीप यादव पर विश्वास जता कर यह साबित कर दिया है की आने वाले समय में संदीप यादव और भी पावरफुल हो सकते हैं| प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में हुए बदलाव में संदीप यादव अपने करीबी सुदाम खाड़े को जनसंपर्क के सचिव और माध्यम का महाप्रबंधक का दायित्व दिलवाने में सफल रहे हैं। डॉक्टर सुदाम खाड़े पूर्व में भी जनसमपर्क आयुक्त रह चुके हैं।
जनसंपर्क आयुक्त का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर हमेशा मुख्यमंत्री का करीबी व्यक्ति ही रहता है। पिछले साल 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 19 दिनों बाद मुख्यमंत्री ने सीएम के सचिव और आयुक्त जनसंपर्क विवेक पोरवाल को हटाकर, उन्हें प्रमुख राजस्व आयुक्त की जिम्मेदारी देकर संदीप यादव पीएस राजस्व को जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया था।
2024 की पहली तारीख से यह पद संभाल रहे संदीप यादव के सामने मुख्यमंत्री को लेकर महत्वपूर्ण जवाबदेही थी। एक तरफ 18 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का आभामंडल, मध्य प्रदेश से लेकर पूरे देश और विदेश में भी मीडिया हाउस में उनका संपर्क, प्रदेश में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे दमदार मंत्रियों के व्यक्तित्व के बीच मुख्यमंत्री की एक अलग छवि स्थापित करवा पाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। पर संदीप यादव ने अपनी सरलता, सहजता और सर्वसुलभता से मीडिया जगत में एक अलग स्थान बनाया और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में सफल रहे।
यही वजह है कि प्रदेश से बाहर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली और हिमाचल जैसे राज्यों में भी मीडिया जगत में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को पर्याप्त कवरेज मिली। कम समय में ही मुख्यमंत्री मोहन यादव जिस तरह से खुद को एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने में सफल हुए हैं, उसमें संदीप यादव का बहुत बड़ा योगदान माना जा सकता है।
अगर मध्य प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहली बार लोकसभा की 29 की 29 सीट भाजपा ने जीती है तो यह सीएम यादव की जनता के बीच बेहतर छवि का ही नतीजा है। राजनीतिक पंडित यह अनुमान लगा रहे थे कि लोकसभा चुनाव के बाद अगर भाजपा की सीटें कम होती हैं तो डॉक्टर मोहन यादव की विदाई तय है।
लेकिन, चुनाव परिणाम ने इन तमाम तरह की अटकलें को विराम दे दिया है। चुनाव के तुरंत बाद जिस दिन से मध्य प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए उनकी तामील और जन-जन तक पहुंचाने में जनसंपर्क विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इतना ही नहीं मुंबई और कोयंबटूर की इंवेस्टर मीट के पहले इवेंट को देश के सभी मीडिया हाउस ने प्रमुखता से जगह दी।
यह बात भी महत्वपूर्ण है कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश से लेकर देश-विदेश के तमाम बड़े मीडिया हाउस ने डॉक्टर मोहन यादव का साक्षात्कार किया, जिससे एक अलग माहौल निर्मित हुआ है। अपनी पत्रकारिता के जीवन में मैंने बहुत ही कम अधिकारी देखे हैं, जिन्होंने इतने कम समय में इतनी ज्यादा उपलब्धियां हासिल की हैं।
हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलाव में सरकार और संगठन के सबसे खास माने जाने वाले मोहम्मद सुलेमान को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य से हटाकर कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। संजय दुबे को गृह विभाग से हटाकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भेजा गया है। जबकि, एसएन मिश्रा को गृह विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी देखेंगे। डीपी आहूजा को लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह के प्रमुख सचिव के साथ-साथ मछुआ कल्याण और मत्स्य विभाग के साथ-साथ लोक परिसंपत्ति विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
इसी क्रम में केसी गुप्ता को लोक निर्माण विभाग का एसीएस बनाया गया है। विवेक पोरवाल को राजस्व विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। संदीप यादव को प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के साथ ही प्रवासी भारतीय विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे आयुक्त, खाद्य सुरक्षा का भी काम भी देखेंगे।
डॉ. सुदाम खाड़े अब सचिव और आयुक्त, जनसंपर्क के साथ माध्यम के प्रबंध संचालक भी होंगे। दीपाली रस्तोगी को प्रमुख सचिव, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिए गए हैं, जिनमें अशोक वर्णवाल, संजय कुमार शुक्ल, सुखवीर सिंह शामिल हैं।
(लेखक राजनैतिक विश्लेषक हैं)












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