MPPSC 2022 का Result: टॉप टेन में 6 लड़कियां शामिल. दीपिका पाटीदार ने बताया कैसे किया टॉप
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2022: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में देवास की दीपिका पाटीदार ने टॉप किया है।
दीपिका की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि मेहनत और समर्पण के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। खास बात यह है कि टॉप टेन में 6 लड़कियों ने जगह बनाई है, जो महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

MPPSC 2022 का फाइनल रिजल्ट
इस साल के राज्य सेवा परीक्षा 2022 के फाइनल रिजल्ट में कुल 456 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इस परीक्षा के परिणाम में 87-13 प्रतिशत फॉर्मूले के तहत 394 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। कुल 456 सीटों में से 13 प्रतिशत कोटे के तहत 52 सीटें आरक्षित थीं, जिनमें से 10 सीटें खाली रह गईं। वहीं, 87 प्रतिशत सीटें में 404 सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें से 13 प्रतिशत का रिजल्ट अभी शेष है।
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2022 में टॉप करने वाले प्रमुख उम्मीदवार
- दीपिका पाटीदार (देवास) - टॉप
- आदित्य नारायण तिवारी
- सुरभि जैन
- महिमा चौधरी
- धर्मप्रकाश मिश्रा
- शानू चौधरी
- स्वाति सिंह
- उमेश अवस्थी
- कविता देवी यादव
- प्रत्यूष श्रीवास्तव
इंटरव्यू प्रक्रिया और रिजल्ट
राज्य सेवा परीक्षा 2022 के इंटरव्यू 11 नवंबर 2024 से लेकर 9 जनवरी 2025 तक आयोजित किए गए थे। इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया गया और फाइनल रिजल्ट MPPSC की वेबसाइट (https://mppsc.mp.gov.in/Results) पर अपलोड किया गया है। उम्मीदवार अपने परिणाम को आयोग की वेबसाइट से चेक कर सकते हैं।
महिलाएं रहीं अव्वल
इस बार राज्य सेवा परीक्षा में महिलाओं की शानदार सफलता देखने को मिली है। दीपिका पाटीदार के अलावा, सुरभि जैन, महिमा चौधरी, स्वाति सिंह और कविता देवी यादव जैसी प्रतिभाशाली महिलाओं ने टॉप टेन में अपनी जगह बनाई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है। यह परिणाम यह भी दर्शाता है कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
2022 परीक्षा के बारे में
राज्य सेवा परीक्षा 2022 में 456 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया था, जिनमें प्रशासनिक, पुलिस, उप पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के पद शामिल थे। इस परीक्षा में चयनित उम्मीदवार अब राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, और वे विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं देंगे।
MPPSC द्वारा घोषित इस परिणाम ने यह सिद्ध कर दिया है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। परीक्षा में सफलता पाने वाले सभी उम्मीदवारों को बधाई दी जाती है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं।

दीपिका पाटीदार: जुनून, कड़ी मेहनत, जानिए Success Story के बारे में
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2022 में दीपिका पाटीदार ने अपनी मेहनत और समर्पण से टॉप किया है। उनका यह परिणाम न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि यह उनके परिवार के अडिग समर्थन और जुनून का भी परिचायक है। दीपिका के पिता गोपाल पाटीदार ने कहा, "मुझे बेटी की काबिलियत पर पूरा भरोसा था। मैं उसे बेटा कहता हूं। उसकी मेहनत और जुनून को देखकर मुझे लगता था कि वह एक दिन अपना नाम रोशन करेगी। वह रात-रातभर पढ़ाई करती थी, और जब भी हम फोन लगाते थे, वह पढ़ाई में ही व्यस्त रहती थी।"
दीपिका पाटीदार ने 1575 में से 902.75 अंक प्राप्त किए, जिसमें से मुख्य परीक्षा में उन्हें 1400 में से 756.75 अंक और इंटरव्यू में 175 में से 146 अंक मिले। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें परीक्षा में टॉप किया, और उनके परिवार ने भी इस सफलता पर गर्व जताया।
शिक्षा की शुरुआत और सिविल सेवा के प्रति रुचि
दीपिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तालौद के सरकारी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने उमियाधाम विद्यालय, राऊ से 11वीं और 12वीं में प्रथम स्थान हासिल किया। ग्रेजुएशन के लिए दीपिका ने इंदौर के होल्कर कॉलेज से बीएससी (कंप्यूटर साइंस) की। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्हें सिविल सेवा की ओर रुझान हुआ और उन्होंने दिल्ली जाकर कोचिंग की, साथ ही इतिहास विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया।
कड़ी मेहनत और समर्पण
दीपिका का कहना है कि सफलता की कुंजी सिर्फ पढ़ाई में नहीं, बल्कि समर्पण और सही मार्गदर्शन में भी है। 2019 में इंदौर लौटने के बाद दीपिका ने महात्मा गांधी संस्थान में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी शुरू की। उन्होंने टेस्ट सीरीज और मॉक इंटरव्यू के माध्यम से अपनी तैयारी को लगातार निखारा। दीपिका ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह 18-18 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। उनकी पढ़ाई की गहनता और समर्पण ने उन्हें इस सफलता तक पहुँचाया।
परिवार का समर्थन और प्रोत्साहन
दीपिका के पिता गोपाल पाटीदार ने बताया कि उनके परिवार ने हमेशा दीपिका को प्रोत्साहित किया और उसकी पढ़ाई के प्रति पूर्ण समर्थन दिया। "हम करीब 12 साल से किराए के मकान में रह रहे हैं, लेकिन दीपिका की पढ़ाई को लेकर हमारे परिवार ने कभी कोई समझौता नहीं किया। वह हमेशा अपनी पढ़ाई को लेकर संजीदा रही और हमें विश्वास था कि वह एक दिन सफल होगी," उन्होंने कहा। पढ़ाई के अलावा, दीपिका को मटकी नृत्य और प्रकृति के बीच समय बिताना बेहद पसंद है। उन्होंने बताया कि यह उनके मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता था और उन्हें एक नई ऊर्जा मिलती थी।
परिवार के साथ साझा करेंगे सफलता
दीपिका के पिता ने कहा, "अब हम रविवार को इंदौर जाएंगे, जहां दीपिका से मिलने का सौभाग्य मिलेगा। हमें गर्व है कि हमारी बेटी ने न केवल हमारा नाम रोशन किया, बल्कि पूरी दुनिया को यह दिखाया कि अगर मेहनत और संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।"












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