MP News: गर्मी में खूब चलाएं AC, नहीं आएगा ज्यादा बिजली बिल, कैसे, MPEB ने बताई ट्रिक
मध्यप्रदेश में गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली बिल अधिक आता है, लेकिन कुछ तरीके अपना कर बिजली बिल में कमी की जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि, एक शोध से यह साबित हुआ है कि एसी का तापमान 27 डिग्री पर सेट करने से बिजली बिल में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है।
शोध के अनुसार, प्रत्येक डिग्री तापमान में वृद्धि के परिणामस्वरूप स्प्लिट एसी की ऊर्जा खपत में 6 प्रतिशत की कमी आती है।

दरअसल, कमरे को तुरंत ठंडा करने के लिए तापमान को 18 डिग्री तक कम करना एक आम गलतफहमी है। जबकि 27 डिग्री सेल्सियस तक कम करने में लगने वाला समय वही रहता है, चाहे आप एसी का तापमान 18 या 27 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। लेकिन जब आप कम तापमान सेट करते हैं, तो कमरे के तापमान को कम करने के लिए कंप्रेसर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप अधिक बिल आता है। यहां तक कि अगर आप थर्माेस्टेट को 18 डिग्री पर सेट करने के बाद कुछ मिनटों के भीतर एसी बंद कर देते हैं, तो विभिन्न लीक के माध्यम से ठंडी हवा के फैलने से तापमान तेजी से बढ़ जाएगा, जिससे आपका प्रयास व्यर्थ हो जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि आप थर्माेस्टेट को 27 डिग्री सेल्सियस पर सेट करते हैं और टाइमर को 2 घंटे के लिए सेट करते हैं और साथ में सीलिंग फैन चला देते हैं, तो यह आमतौर पर अच्छी नींद के लिए आरामदायक तापमान बनाए रखता है। इसलिए समझदारी से काम लेते हुए एसी को 27 डिग्री पर सेट करें तथा सीलिंग फैन एक या दो पाइंट पर जरूर चलाएं, ऐसा करने से बिजली बिल में कमी आ सकती है।
इंदौर में हुई बैठक
इंदौर और उज्जैन में प्रदेश शासन के आदेशानुसार सिंहस्थ 2028 के कार्य समय पर एवं गुणवत्ता के साथ किए जाना हैं। इसी के मद्देनजर मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ज्योति नगर उज्जैन में महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को हुई। इसमें कंपनी के इंदौर मुख्यालय से निदेशक तकनीकी सचिन तालेवार एवं मुख्य अभियंता कार्य श्री एसएल करवाड़िया प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसमें ट्रांसमिशन कंपनी से सामंजस्य स्थापित कर दो स्थानों पर 132 ग्रिडों का कार्य प्रारंभ कराने और विद्युत वितरण कंपनी के चारधाम, नानाखेड़ा, सदावल और वाल्मीकि धाम में चार ग्रिड समय पर प्रारंभ करने पर विचार विमर्श हुआ। अधिकारियों ने विद्युत वितरण कंपनी के प्रस्तावित 33/11 केवी के ग्रिडों के लिए चिन्हित स्थानों का भी दौरा किया।
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